5 अप्रैल 2026 को पटना का चौघड़िया

रविवार, 5 अप्रैल 2026, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 5 अप्रैल 2026 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (12:00 तक), नक्षत्र विशाखा (00:08, 6 अप्रैल तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 05:37 पर और सूर्यास्त 18:07 पर है। राहुकाल 16:33 से 18:07 तक है।

दिन और रात
दिन 05:37 – 18:07
रात 05:35 तक
तिथि
तृतीया, 12:00 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
विशाखा, 00:08 तक
अनुराधा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अप्रैल 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:37 – 07:10टालें
चर07:10 – 08:44सामान्य
लाभ08:44 – 10:18शुभ
अमृत10:18 – 11:52शुभ
काल11:52 – 13:26टालें
शुभ13:26 – 15:00शुभ
रोग15:00 – 16:33टालें
उद्वेग16:33 – 18:07टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:07 – 19:33शुभ
अमृत19:33 – 20:59शुभ
चर20:59 – 22:25सामान्य
रोग22:25 – 23:51टालें
काल23:51 – 01:17टालें
लाभ01:17 – 02:43शुभ
उद्वेग02:43 – 04:09टालें
शुभ04:09 – 05:35शुभ

5 अप्रैल 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 12:00 तक
कृष्ण चतुर्थी 14:11, 6 अप्रैल तक
नक्षत्र
विशाखा 00:08, 6 अप्रैल तक
अनुराधा 02:56, 7 अप्रैल तक
योग
वज्रअशुभ 14:43 तक
सिद्धि 15:25, 6 अप्रैल तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:00 तक
बव 01:03, 6 अप्रैल तक
बालव 14:11, 6 अप्रैल तक
चंद्र राशि
तुला 17:28 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:37
सूर्यास्त
18:07
चंद्रोदय
21:13
चंद्रास्त
07:11
दिनमान
12h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:05 – 04:51
अभिजीत मुहूर्त
11:27 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
16:33 – 18:07
यमगंड
11:52 – 13:26
गुलिक काल
15:00 – 16:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:3706:39दिन
शुक्र06:3907:42दिन
बुध07:4208:44दिन
चंद्र08:4409:47दिन
शनि09:4710:49दिन
गुरु10:4911:52दिन
मंगल11:5212:54दिन
सूर्य12:5413:57दिन
शुक्र13:5715:00दिन
बुध15:0016:02दिन
चंद्र16:0217:05दिन
शनि17:0518:07दिन
गुरु18:0719:05रात
मंगल19:0520:02रात
सूर्य20:0220:59रात
शुक्र20:5921:57रात
बुध21:5722:54रात
चंद्र22:5423:51रात
शनि23:5100:49रात
गुरु00:4901:46रात
मंगल01:4602:43रात
सूर्य02:4303:41रात
शुक्र03:4104:38रात
बुध04:3805:35रात

अयनांश 24.2239° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।