24 जुलाई 2026 को पटना का चौघड़िया

शुक्रवार, 24 जुलाई 2026, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (09:13 तक), नक्षत्र अनुराधा (04:36, 25 जुल॰ तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:12 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 10:14 से 11:55 तक है।

दिन और रात
दिन 05:12 – 18:39
रात 05:12 तक
तिथि
दशमी, 09:13 तक
एकादशी
नक्षत्र
अनुराधा, 04:36 तक
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 जुलाई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:12 – 06:53सामान्य
लाभ06:53 – 08:33शुभ
अमृत08:33 – 10:14शुभ
काल10:14 – 11:55टालें
शुभ11:55 – 13:36शुभ
रोग13:36 – 15:17टालें
उद्वेग15:17 – 16:58टालें
चर16:58 – 18:39सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:39 – 19:58टालें
काल19:58 – 21:17टालें
लाभ21:17 – 22:36शुभ
उद्वेग22:36 – 23:56टालें
शुभ23:56 – 01:15शुभ
अमृत01:15 – 02:34शुभ
चर02:34 – 03:53सामान्य
रोग03:53 – 05:12टालें

24 जुलाई 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल दशमी 09:13 तक
शुक्ल एकादशी 11:34, 25 जुल॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 04:36, 25 जुल॰ तक
ज्येष्ठा 07:35, 26 जुल॰ तक
योग
शुक्ल 20:11 तक
ब्रह्म 21:09, 25 जुल॰ तक
करण
गर 09:13 तक
वणिज 22:23 तक
विष्टि (भद्रा) 11:34, 25 जुल॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:12
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
14:39
चंद्रास्त
00:25
दिनमान
13h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:47 – 04:29
अभिजीत मुहूर्त
11:28 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
10:14 – 11:55
यमगंड
15:17 – 16:58
गुलिक काल
06:53 – 08:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1206:19दिन
बुध06:1907:26दिन
चंद्र07:2608:33दिन
शनि08:3309:41दिन
गुरु09:4110:48दिन
मंगल10:4811:55दिन
सूर्य11:5513:03दिन
शुक्र13:0314:10दिन
बुध14:1015:17दिन
चंद्र15:1716:25दिन
शनि16:2517:32दिन
गुरु17:3218:39दिन
मंगल18:3919:32रात
सूर्य19:3220:25रात
शुक्र20:2521:17रात
बुध21:1722:10रात
चंद्र22:1023:03रात
शनि23:0323:56रात
गुरु23:5600:48रात
मंगल00:4801:41रात
सूर्य01:4102:34रात
शुक्र02:3403:27रात
बुध03:2704:19रात
चंद्र04:1905:12रात

अयनांश 24.2281° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।