8 सितंबर 2026 को पटना का चौघड़िया

मंगलवार, 8 सितंबर 2026, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (14:43 तक), नक्षत्र पुष्य (16:39 तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 05:32 पर और सूर्यास्त 18:01 पर है। राहुकाल 14:54 से 16:27 तक है।

दिन और रात
दिन 05:32 – 18:01
रात 05:32 तक
तिथि
द्वादशी, 14:43 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पुष्य, 16:39 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 सितंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:32 – 07:06टालें
उद्वेग07:06 – 08:39टालें
चर08:39 – 10:13सामान्य
लाभ10:13 – 11:47शुभ
अमृत11:47 – 13:20शुभ
काल13:20 – 14:54टालें
शुभ14:54 – 16:27शुभ
रोग16:27 – 18:01टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:01 – 19:27टालें
लाभ19:27 – 20:54शुभ
उद्वेग20:54 – 22:20टालें
शुभ22:20 – 23:47शुभ
अमृत23:47 – 01:13शुभ
चर01:13 – 02:40सामान्य
रोग02:40 – 04:06टालें
काल04:06 – 05:32टालें

8 सितंबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 14:43 तक
कृष्ण त्रयोदशी 12:31, 9 सित॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 16:39 तक
आश्लेषा 15:14, 9 सित॰ तक
योग
परिघअशुभ 00:40, 9 सित॰ तक
शिव 21:52, 9 सित॰ तक
करण
तैतिल 14:43 तक
गर 01:35, 9 सित॰ तक
वणिज 12:31, 9 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:32
सूर्यास्त
18:01
चंद्रोदय
02:18
चंद्रास्त
16:11
दिनमान
12h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:00 – 04:46
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:11

अशुभ समय

राहुकाल
14:54 – 16:27
यमगंड
08:39 – 10:13
गुलिक काल
11:47 – 13:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:3206:34दिन
सूर्य06:3407:37दिन
शुक्र07:3708:39दिन
बुध08:3909:42दिन
चंद्र09:4210:44दिन
शनि10:4411:47दिन
गुरु11:4712:49दिन
मंगल12:4913:51दिन
सूर्य13:5114:54दिन
शुक्र14:5415:56दिन
बुध15:5616:59दिन
चंद्र16:5918:01दिन
शनि18:0118:59रात
गुरु18:5919:56रात
मंगल19:5620:54रात
सूर्य20:5421:51रात
शुक्र21:5122:49रात
बुध22:4923:47रात
चंद्र23:4700:44रात
शनि00:4401:42रात
गुरु01:4202:40रात
मंगल02:4003:37रात
सूर्य03:3704:35रात
शुक्र04:3505:32रात

अयनांश 24.2298° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।