8 दिसंबर 2026 को पटना का चौघड़िया

मंगलवार, 8 दिसंबर 2026, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 8 दिसंबर 2026 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (06:21, 9 दिस॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (18:16 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:23 पर और सूर्यास्त 16:59 पर है। राहुकाल 14:20 से 15:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:23 – 16:59
रात 06:23 तक
तिथि
अमावस्या, 06:21 तक
नक्षत्र
अनुराधा, 18:16 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:23 – 07:42टालें
उद्वेग07:42 – 09:02टालें
चर09:02 – 10:21सामान्य
लाभ10:21 – 11:41शुभ
अमृत11:41 – 13:00शुभ
काल13:00 – 14:20टालें
शुभ14:20 – 15:39शुभ
रोग15:39 – 16:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:59 – 18:39टालें
लाभ18:39 – 20:20शुभ
उद्वेग20:20 – 22:00टालें
शुभ22:00 – 23:41शुभ
अमृत23:41 – 01:22शुभ
चर01:22 – 03:02सामान्य
रोग03:02 – 04:43टालें
काल04:43 – 06:23टालें

8 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
अमावस्या 06:21, 9 दिस॰ तक
शुक्ल प्रतिपदा 08:46, 10 दिस॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 21:00, 9 दिस॰ तक
योग
सुकर्मा 08:06 तक
धृति 08:40, 9 दिस॰ तक
करण
चतुष्पद 17:15 तक
नाग 06:21, 9 दिस॰ तक
किंस्तुघ्न 19:32, 9 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:23
सूर्यास्त
16:59
चंद्रोदय
05:43
चंद्रास्त
16:14
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:29
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:02

अशुभ समय

राहुकाल
14:20 – 15:39
यमगंड
09:02 – 10:21
गुलिक काल
11:41 – 13:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:2307:16दिन
सूर्य07:1608:09दिन
शुक्र08:0909:02दिन
बुध09:0209:55दिन
चंद्र09:5510:48दिन
शनि10:4811:41दिन
गुरु11:4112:34दिन
मंगल12:3413:27दिन
सूर्य13:2714:20दिन
शुक्र14:2015:13दिन
बुध15:1316:06दिन
चंद्र16:0616:59दिन
शनि16:5918:06रात
गुरु18:0619:13रात
मंगल19:1320:20रात
सूर्य20:2021:27रात
शुक्र21:2722:34रात
बुध22:3423:41रात
चंद्र23:4100:48रात
शनि00:4801:55रात
गुरु01:5503:02रात
मंगल03:0204:09रात
सूर्य04:0905:16रात
शुक्र05:1606:23रात

अयनांश 24.2333° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।