23 अप्रैल 2027 को पटना का चौघड़िया

शुक्रवार, 23 अप्रैल 2027, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 23 अप्रैल 2027 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (04:21, 24 अप्रैल तक), नक्षत्र विशाखा (05:32 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:19 पर और सूर्यास्त 18:16 पर है। राहुकाल 10:11 से 11:48 तक है।

दिन और रात
दिन 05:19 – 18:16
रात 05:19 तक
तिथि
तृतीया, 04:21 तक
नक्षत्र
अनुराधा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:19 – 06:56सामान्य
लाभ06:56 – 08:34शुभ
अमृत08:34 – 10:11शुभ
काल10:11 – 11:48टालें
शुभ11:48 – 13:25शुभ
रोग13:25 – 15:02टालें
उद्वेग15:02 – 16:39टालें
चर16:39 – 18:16सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:16 – 19:38टालें
काल19:38 – 21:01टालें
लाभ21:01 – 22:24शुभ
उद्वेग22:24 – 23:47टालें
शुभ23:47 – 01:10शुभ
अमृत01:10 – 02:33शुभ
चर02:33 – 03:56सामान्य
रोग03:56 – 05:19टालें

23 अप्रैल 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 04:21, 24 अप्रैल तक
कृष्ण चतुर्थी 05:42, 25 अप्रैल तक
नक्षत्र
विशाखा 05:32 तक
अनुराधा 06:57, 24 अप्रैल तक
योग
व्यतीपातअशुभ 14:13 तक
वरीयान 13:58, 24 अप्रैल तक
करण
वणिज 15:54 तक
विष्टि (भद्रा) 04:21, 24 अप्रैल तक
बव 16:57, 24 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमेष
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:19
सूर्यास्त
18:16
चंद्रोदय
20:49
चंद्रास्त
06:33
दिनमान
12h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
वैशाख
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:51 – 04:35
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:13

अशुभ समय

राहुकाल
10:11 – 11:48
यमगंड
15:02 – 16:39
गुलिक काल
06:56 – 08:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1906:24दिन
बुध06:2407:29दिन
चंद्र07:2908:34दिन
शनि08:3409:38दिन
गुरु09:3810:43दिन
मंगल10:4311:48दिन
सूर्य11:4812:52दिन
शुक्र12:5213:57दिन
बुध13:5715:02दिन
चंद्र15:0216:06दिन
शनि16:0617:11दिन
गुरु17:1118:16दिन
मंगल18:1619:11रात
सूर्य19:1120:06रात
शुक्र20:0621:01रात
बुध21:0121:57रात
चंद्र21:5722:52रात
शनि22:5223:47रात
गुरु23:4700:42रात
मंगल00:4201:38रात
सूर्य01:3802:33रात
शुक्र02:3303:28रात
बुध03:2804:23रात
चंद्र04:2305:19रात

अयनांश 24.2385° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।