13 जून 2027 को पटना का चौघड़िया

रविवार, 13 जून 2027, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 13 जून 2027 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (02:12, 14 जून तक), नक्षत्र हस्त (17:00 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 04:57 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है। राहुकाल 16:58 से 18:41 तक है।

दिन और रात
दिन 04:57 – 18:41
रात 04:58 तक
तिथि
दशमी, 02:12 तक
एकादशी
नक्षत्र
हस्त, 17:00 तक
चित्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 जून 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग04:57 – 06:40टालें
चर06:40 – 08:23सामान्य
लाभ08:23 – 10:06शुभ
अमृत10:06 – 11:49शुभ
काल11:49 – 13:32टालें
शुभ13:32 – 15:15शुभ
रोग15:15 – 16:58टालें
उद्वेग16:58 – 18:41टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:41 – 19:58शुभ
अमृत19:58 – 21:15शुभ
चर21:15 – 22:32सामान्य
रोग22:32 – 23:49टालें
काल23:49 – 01:06टालें
लाभ01:06 – 02:23शुभ
उद्वेग02:23 – 03:40टालें
शुभ03:40 – 04:58शुभ

13 जून 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल दशमी 02:12, 14 जून तक
शुक्ल एकादशी 02:08, 15 जून तक
नक्षत्र
हस्त 17:00 तक
चित्रा 17:28, 14 जून तक
योग
व्यतीपातअशुभ 09:05 तक
वरीयान 07:45, 14 जून तक
करण
तैतिल 14:25 तक
गर 02:12, 14 जून तक
वणिज 14:07, 14 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:57
सूर्यास्त
18:41
चंद्रोदय
13:35
चंद्रास्त
00:35
दिनमान
13h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:35 – 04:16
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:16

अशुभ समय

राहुकाल
16:58 – 18:41
यमगंड
11:49 – 13:32
गुलिक काल
15:15 – 16:58

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य04:5706:06दिन
शुक्र06:0607:15दिन
बुध07:1508:23दिन
चंद्र08:2309:32दिन
शनि09:3210:40दिन
गुरु10:4011:49दिन
मंगल11:4912:58दिन
सूर्य12:5814:06दिन
शुक्र14:0615:15दिन
बुध15:1516:23दिन
चंद्र16:2317:32दिन
शनि17:3218:41दिन
गुरु18:4119:32रात
मंगल19:3220:23रात
सूर्य20:2321:15रात
शुक्र21:1522:06रात
बुध22:0622:58रात
चंद्र22:5823:49रात
शनि23:4900:40रात
गुरु00:4001:32रात
मंगल01:3202:23रात
सूर्य02:2303:15रात
शुक्र03:1504:06रात
बुध04:0604:58रात

अयनांश 24.2405° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।