2 अगस्त 2027 को पटना का चौघड़िया

सोमवार, 2 अगस्त 2027, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

सोमवार, 2 अगस्त 2027 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि अमावस्या (15:35 तक), नक्षत्र पुष्य (17:09 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 05:16 पर और सूर्यास्त 18:34 पर है। राहुकाल 06:56 से 08:35 तक है।

दिन और रात
दिन 05:16 – 18:34
रात 05:16 तक
तिथि
अमावस्या, 15:35 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पुष्य, 17:09 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 अगस्त 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:16 – 06:56शुभ
काल06:56 – 08:35टालें
शुभ08:35 – 10:15शुभ
रोग10:15 – 11:55टालें
उद्वेग11:55 – 13:35टालें
चर13:35 – 15:15सामान्य
लाभ15:15 – 16:55शुभ
अमृत16:55 – 18:34शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:34 – 19:55सामान्य
रोग19:55 – 21:15टालें
काल21:15 – 22:35टालें
लाभ22:35 – 23:55शुभ
उद्वेग23:55 – 01:16टालें
शुभ01:16 – 02:36शुभ
अमृत02:36 – 03:56शुभ
चर03:56 – 05:16सामान्य

2 अगस्त 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
अमावस्या 15:35 तक
शुक्ल प्रतिपदा 11:51, 3 अग॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 17:09 तक
आश्लेषा 14:16, 3 अग॰ तक
योग
सिद्धि 18:32 तक
व्यतीपातअशुभ 14:24, 3 अग॰ तक
करण
चतुष्पद 05:28 तक
नाग 15:35 तक
किंस्तुघ्न 01:42, 3 अग॰ तक
बव 11:51, 3 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:16
सूर्यास्त
18:34
चंद्रोदय
04:50
चंद्रास्त
18:36
दिनमान
13h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आषाढ़
मास (पूर्णिमांत)
श्रावण
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:50 – 04:33
अभिजीत मुहूर्त
11:29 – 12:22

अशुभ समय

राहुकाल
06:56 – 08:35
यमगंड
10:15 – 11:55
गुलिक काल
13:35 – 15:15

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:1606:22दिन
शनि06:2207:29दिन
गुरु07:2908:35दिन
मंगल08:3509:42दिन
सूर्य09:4210:49दिन
शुक्र10:4911:55दिन
बुध11:5513:02दिन
चंद्र13:0214:08दिन
शनि14:0815:15दिन
गुरु15:1516:21दिन
मंगल16:2117:28दिन
सूर्य17:2818:34दिन
शुक्र18:3419:28रात
बुध19:2820:21रात
चंद्र20:2121:15रात
शनि21:1522:08रात
गुरु22:0823:02रात
मंगल23:0223:55रात
सूर्य23:5500:49रात
शुक्र00:4901:42रात
बुध01:4202:36रात
चंद्र02:3603:29रात
शनि03:2904:23रात
गुरु04:2305:16रात

अयनांश 24.2424° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।