25 मई 2028 को पटना का चौघड़िया

गुरुवार, 25 मई 2028, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

गुरुवार, 25 मई 2028 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (12:54 तक), नक्षत्र रोहिणी (14:38 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:00 पर और सूर्यास्त 18:33 पर है। राहुकाल 13:28 से 15:09 तक है।

दिन और रात
दिन 05:00 – 18:33
रात 04:59 तक
तिथि
प्रतिपदा, 12:54 तक
द्वितीया
नक्षत्र
रोहिणी, 14:38 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 मई 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:00 – 06:41शुभ
रोग06:41 – 08:23टालें
उद्वेग08:23 – 10:04टालें
चर10:04 – 11:46सामान्य
लाभ11:46 – 13:28शुभ
अमृत13:28 – 15:09शुभ
काल15:09 – 16:51टालें
शुभ16:51 – 18:33शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:33 – 19:51शुभ
चर19:51 – 21:09सामान्य
रोग21:09 – 22:28टालें
काल22:28 – 23:46टालें
लाभ23:46 – 01:04शुभ
उद्वेग01:04 – 02:23टालें
शुभ02:23 – 03:41शुभ
अमृत03:41 – 04:59शुभ

25 मई 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 12:54 तक
शुक्ल द्वितीया 11:40, 26 मई तक
नक्षत्र
रोहिणी 14:38 तक
मृगशिरा 14:07, 26 मई तक
योग
सुकर्मा 13:55 तक
धृति 11:52, 26 मई तक
करण
बव 12:54 तक
बालव 00:20, 26 मई तक
कौलव 11:40, 26 मई तक
चंद्र राशि
वृषभ 02:25, 26 मई तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:00
सूर्यास्त
18:33
चंद्रोदय
05:26
चंद्रास्त
19:45
दिनमान
13h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:36 – 04:18
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:13

अशुभ समय

राहुकाल
13:28 – 15:09
यमगंड
05:00 – 06:41
गुलिक काल
08:23 – 10:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:0006:07दिन
मंगल06:0707:15दिन
सूर्य07:1508:23दिन
शुक्र08:2309:31दिन
बुध09:3110:38दिन
चंद्र10:3811:46दिन
शनि11:4612:54दिन
गुरु12:5414:02दिन
मंगल14:0215:09दिन
सूर्य15:0916:17दिन
शुक्र16:1717:25दिन
बुध17:2518:33दिन
चंद्र18:3319:25रात
शनि19:2520:17रात
गुरु20:1721:09रात
मंगल21:0922:01रात
सूर्य22:0122:54रात
शुक्र22:5423:46रात
बुध23:4600:38रात
चंद्र00:3801:30रात
शनि01:3002:23रात
गुरु02:2303:15रात
मंगल03:1504:07रात
सूर्य04:0704:59रात

अयनांश 24.2537° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।