13 जून 2028 को पटना का चौघड़िया

मंगलवार, 13 जून 2028, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

मंगलवार, 13 जून 2028 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (18:20 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (10:03 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 04:57 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है। राहुकाल 15:15 से 16:58 तक है।

दिन और रात
दिन 04:57 – 18:41
रात 04:58 तक
तिथि
षष्ठी, 18:20 तक
सप्तमी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 10:03 तक
शतभिषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 जून 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग04:57 – 06:40टालें
उद्वेग06:40 – 08:23टालें
चर08:23 – 10:06सामान्य
लाभ10:06 – 11:49शुभ
अमृत11:49 – 13:32शुभ
काल13:32 – 15:15टालें
शुभ15:15 – 16:58शुभ
रोग16:58 – 18:41टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:41 – 19:58टालें
लाभ19:58 – 21:15शुभ
उद्वेग21:15 – 22:32टालें
शुभ22:32 – 23:49शुभ
अमृत23:49 – 01:06शुभ
चर01:06 – 02:23सामान्य
रोग02:23 – 03:40टालें
काल03:40 – 04:58टालें

13 जून 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 18:20 तक
कृष्ण सप्तमी 20:46, 14 जून तक
नक्षत्र
शतभिषा 13:02, 14 जून तक
योग
विष्कंभअशुभ 01:27, 14 जून तक
प्रीति 02:25, 15 जून तक
करण
गर 05:09 तक
वणिज 18:20 तक
विष्टि (भद्रा) 07:33, 14 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:57
सूर्यास्त
18:41
चंद्रोदय
23:00
चंद्रास्त
10:12
दिनमान
13h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
आषाढ़
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:35 – 04:16
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
15:15 – 16:58
यमगंड
08:23 – 10:06
गुलिक काल
11:49 – 13:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल04:5706:06दिन
सूर्य06:0607:15दिन
शुक्र07:1508:23दिन
बुध08:2309:32दिन
चंद्र09:3210:41दिन
शनि10:4111:49दिन
गुरु11:4912:58दिन
मंगल12:5814:06दिन
सूर्य14:0615:15दिन
शुक्र15:1516:24दिन
बुध16:2417:32दिन
चंद्र17:3218:41दिन
शनि18:4119:32रात
गुरु19:3220:24रात
मंगल20:2421:15रात
सूर्य21:1522:06रात
शुक्र22:0622:58रात
बुध22:5823:49रात
चंद्र23:4900:41रात
शनि00:4101:32रात
गुरु01:3202:23रात
मंगल02:2303:15रात
सूर्य03:1504:06रात
शुक्र04:0604:58रात

अयनांश 24.2545° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।