6 दिसंबर 2028 को पटना का चौघड़िया

बुधवार, 6 दिसंबर 2028, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 6 दिसंबर 2028 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (03:38, 7 दिस॰ तक), नक्षत्र पुष्य (19:59 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 06:22 पर और सूर्यास्त 16:58 पर है। राहुकाल 11:40 से 13:00 तक है।

दिन और रात
दिन 06:22 – 16:58
रात 06:22 तक
तिथि
पंचमी, 03:38 तक
षष्ठी
नक्षत्र
पुष्य, 19:59 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 दिसंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:22 – 07:41शुभ
अमृत07:41 – 09:01शुभ
काल09:01 – 10:20टालें
शुभ10:20 – 11:40शुभ
रोग11:40 – 13:00टालें
उद्वेग13:00 – 14:19टालें
चर14:19 – 15:39सामान्य
लाभ15:39 – 16:58शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:58 – 18:39टालें
शुभ18:39 – 20:19शुभ
अमृत20:19 – 22:00शुभ
चर22:00 – 23:40सामान्य
रोग23:40 – 01:21टालें
काल01:21 – 03:01टालें
लाभ03:01 – 04:42शुभ
उद्वेग04:42 – 06:22टालें

6 दिसंबर 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 03:38, 7 दिस॰ तक
कृष्ण षष्ठी 02:00, 8 दिस॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 19:59 तक
आश्लेषा 19:06, 7 दिस॰ तक
योग
ब्रह्म 13:21 तक
इंद्र 10:58, 7 दिस॰ तक
करण
कौलव 16:21 तक
तैतिल 03:38, 7 दिस॰ तक
गर 14:51, 7 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
16:58
चंद्रोदय
21:10
चंद्रास्त
09:48
दिनमान
10h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:35 – 05:28
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:01 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:40 – 13:00
यमगंड
07:41 – 09:01
गुलिक काल
10:20 – 11:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2207:15दिन
चंद्र07:1508:08दिन
शनि08:0809:01दिन
गुरु09:0109:54दिन
मंगल09:5410:47दिन
सूर्य10:4711:40दिन
शुक्र11:4012:33दिन
बुध12:3313:26दिन
चंद्र13:2614:19दिन
शनि14:1915:12दिन
गुरु15:1216:05दिन
मंगल16:0516:58दिन
सूर्य16:5818:05रात
शुक्र18:0519:12रात
बुध19:1220:19रात
चंद्र20:1921:26रात
शनि21:2622:33रात
गुरु22:3323:40रात
मंगल23:4000:47रात
सूर्य00:4701:54रात
शुक्र01:5403:01रात
बुध03:0104:08रात
चंद्र04:0805:15रात
शनि05:1506:22रात

अयनांश 24.2612° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।