3 जनवरी 2029 को पटना का चौघड़िया

बुधवार, 3 जनवरी 2029, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

बुधवार, 3 जनवरी 2029 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (17:03 तक), नक्षत्र आश्लेषा (01:18, 4 जन॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:36 पर और सूर्यास्त 17:11 पर है। राहुकाल 11:54 से 13:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:36 – 17:11
रात 06:36 तक
तिथि
तृतीया, 17:03 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
आश्लेषा, 01:18 तक
मघा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:36 – 07:55शुभ
अमृत07:55 – 09:15शुभ
काल09:15 – 10:34टालें
शुभ10:34 – 11:54शुभ
रोग11:54 – 13:13टालें
उद्वेग13:13 – 14:32टालें
चर14:32 – 15:52सामान्य
लाभ15:52 – 17:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:11 – 18:52टालें
शुभ18:52 – 20:32शुभ
अमृत20:32 – 22:13शुभ
चर22:13 – 23:54सामान्य
रोग23:54 – 01:34टालें
काल01:34 – 03:15टालें
लाभ03:15 – 04:55शुभ
उद्वेग04:55 – 06:36टालें

3 जनवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 17:03 तक
कृष्ण चतुर्थी 14:49, 4 जन॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 01:18, 4 जन॰ तक
मघा 23:43, 4 जन॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 15:38 तक
प्रीति 12:37, 4 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:03 तक
बव 03:57, 4 जन॰ तक
बालव 14:49, 4 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 01:18, 4 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:36
सूर्यास्त
17:11
चंद्रोदय
20:03
चंद्रास्त
08:27
दिनमान
10h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:48 – 05:42
अभिजीत मुहूर्त
11:32 – 12:15 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:54 – 13:13
यमगंड
07:55 – 09:15
गुलिक काल
10:34 – 11:54

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:3607:29दिन
चंद्र07:2908:22दिन
शनि08:2209:15दिन
गुरु09:1510:08दिन
मंगल10:0811:01दिन
सूर्य11:0111:54दिन
शुक्र11:5412:46दिन
बुध12:4613:39दिन
चंद्र13:3914:32दिन
शनि14:3215:25दिन
गुरु15:2516:18दिन
मंगल16:1817:11दिन
सूर्य17:1118:18रात
शुक्र18:1819:25रात
बुध19:2520:32रात
चंद्र20:3221:40रात
शनि21:4022:47रात
गुरु22:4723:54रात
मंगल23:5401:01रात
सूर्य01:0102:08रात
शुक्र02:0803:15रात
बुध03:1504:22रात
चंद्र04:2205:29रात
शनि05:2906:36रात

अयनांश 24.2623° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।