15 जून 2029 को पटना का चौघड़िया

शुक्रवार, 15 जून 2029, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 15 जून 2029 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (09:44 तक), नक्षत्र पुष्य (04:47, 16 जून तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 04:58 पर और सूर्यास्त 18:41 पर है। राहुकाल 10:07 से 11:49 तक है।

दिन और रात
दिन 04:58 – 18:41
रात 04:58 तक
तिथि
तृतीया, 09:44 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
पुष्य, 04:47 तक
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 जून 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर04:58 – 06:41सामान्य
लाभ06:41 – 08:24शुभ
अमृत08:24 – 10:07शुभ
काल10:07 – 11:49टालें
शुभ11:49 – 13:32शुभ
रोग13:32 – 15:15टालें
उद्वेग15:15 – 16:58टालें
चर16:58 – 18:41सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:41 – 19:58टालें
काल19:58 – 21:15टालें
लाभ21:15 – 22:32शुभ
उद्वेग22:32 – 23:50टालें
शुभ23:50 – 01:07शुभ
अमृत01:07 – 02:24शुभ
चर02:24 – 03:41सामान्य
रोग03:41 – 04:58टालें

15 जून 2029 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 09:44 तक
शुक्ल चतुर्थी 08:59, 16 जून तक
नक्षत्र
पुष्य 04:47, 16 जून तक
आश्लेषा 04:27, 17 जून तक
योग
ध्रुव 16:10 तक
व्याघातअशुभ 14:28, 16 जून तक
करण
गर 09:44 तक
वणिज 21:25 तक
विष्टि (भद्रा) 08:59, 16 जून तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
04:58
सूर्यास्त
18:41
चंद्रोदय
07:42
चंद्रास्त
21:16
दिनमान
13h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:35 – 04:17
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:17

अशुभ समय

राहुकाल
10:07 – 11:49
यमगंड
15:15 – 16:58
गुलिक काल
06:41 – 08:24

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र04:5806:06दिन
बुध06:0607:15दिन
चंद्र07:1508:24दिन
शनि08:2409:32दिन
गुरु09:3210:41दिन
मंगल10:4111:49दिन
सूर्य11:4912:58दिन
शुक्र12:5814:07दिन
बुध14:0715:15दिन
चंद्र15:1516:24दिन
शनि16:2417:33दिन
गुरु17:3318:41दिन
मंगल18:4119:33रात
सूर्य19:3320:24रात
शुक्र20:2421:15रात
बुध21:1522:07रात
चंद्र22:0722:58रात
शनि22:5823:50रात
गुरु23:5000:41रात
मंगल00:4101:32रात
सूर्य01:3202:24रात
शुक्र02:2403:15रात
बुध03:1504:06रात
चंद्र04:0604:58रात

अयनांश 24.2685° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।