5 नवंबर 2056 को पटना का चौघड़िया

रविवार, 5 नवंबर 2056, पटना, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

रविवार, 5 नवंबर 2056 को पटना में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (01:14, 6 नव॰ तक), नक्षत्र हस्त (21:48 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:00 पर और सूर्यास्त 17:05 पर है। राहुकाल 15:42 से 17:05 तक है।

दिन और रात
दिन 06:00 – 17:05
रात 06:01 तक
तिथि
त्रयोदशी, 01:14 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
हस्त, 21:48 तक
चित्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 नवंबर 2056 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:00 – 07:23टालें
चर07:23 – 08:46सामान्य
लाभ08:46 – 10:09शुभ
अमृत10:09 – 11:32शुभ
काल11:32 – 12:55टालें
शुभ12:55 – 14:19शुभ
रोग14:19 – 15:42टालें
उद्वेग15:42 – 17:05टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:05 – 18:42शुभ
अमृत18:42 – 20:19शुभ
चर20:19 – 21:56सामान्य
रोग21:56 – 23:33टालें
काल23:33 – 01:10टालें
लाभ01:10 – 02:47शुभ
उद्वेग02:47 – 04:24टालें
शुभ04:24 – 06:01शुभ

5 नवंबर 2056 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 01:14, 6 नव॰ तक
कृष्ण चतुर्दशी 21:39, 6 नव॰ तक
नक्षत्र
हस्त 21:48 तक
चित्रा 19:02, 6 नव॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 22:48 तक
प्रीति 18:42, 6 नव॰ तक
करण
गर 14:53 तक
वणिज 01:14, 6 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 11:29, 6 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:00
सूर्यास्त
17:05
चंद्रोदय
03:18
चंद्रास्त
15:45
दिनमान
11h 5m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2113
शक संवत
1978, धाता संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
11:10 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
15:42 – 17:05
यमगंड
11:32 – 12:55
गुलिक काल
14:19 – 15:42

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:0006:55दिन
शुक्र06:5507:51दिन
बुध07:5108:46दिन
चंद्र08:4609:42दिन
शनि09:4210:37दिन
गुरु10:3711:32दिन
मंगल11:3212:28दिन
सूर्य12:2813:23दिन
शुक्र13:2314:19दिन
बुध14:1915:14दिन
चंद्र15:1416:09दिन
शनि16:0917:05दिन
गुरु17:0518:10रात
मंगल18:1019:14रात
सूर्य19:1420:19रात
शुक्र20:1921:23रात
बुध21:2322:28रात
चंद्र22:2823:33रात
शनि23:3300:37रात
गुरु00:3701:42रात
मंगल01:4202:47रात
सूर्य02:4703:51रात
शुक्र03:5104:56रात
बुध04:5606:01रात

अयनांश 24.6512° (लाहिड़ी)। समय पटना (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।