16 मार्च 2025 को पर्थ का चौघड़िया

रविवार, 16 मार्च 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

रविवार, 16 मार्च 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (19:28 तक), नक्षत्र हस्त (14:15 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:16 पर और सूर्यास्त 18:32 पर है। राहुकाल 17:00 से 18:32 तक है।

दिन और रात
दिन 06:16 – 18:32
रात 06:17 तक
तिथि
द्वितीया, 19:28 तक
तृतीया
नक्षत्र
हस्त, 14:15 तक
चित्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:16 – 07:48टालें
चर07:48 – 09:20सामान्य
लाभ09:20 – 10:52शुभ
अमृत10:52 – 12:24शुभ
काल12:24 – 13:56टालें
शुभ13:56 – 15:28शुभ
रोग15:28 – 17:00टालें
उद्वेग17:00 – 18:32टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:32 – 20:00शुभ
अमृत20:00 – 21:29शुभ
चर21:29 – 22:57सामान्य
रोग22:57 – 00:25टालें
काल00:25 – 01:53टालें
लाभ01:53 – 03:21शुभ
उद्वेग03:21 – 04:49टालें
शुभ04:49 – 06:17शुभ

16 मार्च 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 19:28 तक
कृष्ण तृतीया 22:03, 17 मार्च तक
नक्षत्र
हस्त 14:15 तक
चित्रा 17:17, 17 मार्च तक
योग
वृद्धि 17:18 तक
ध्रुव 18:15, 17 मार्च तक
करण
गर 19:28 तक
वणिज 08:45, 17 मार्च तक
चंद्र राशि
कन्या 03:45, 17 मार्च तक
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
18:32
चंद्रोदय
19:26
चंद्रास्त
07:49
दिनमान
12h 16m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:43 – 05:30
अभिजीत मुहूर्त
12:00 – 12:49

अशुभ समय

राहुकाल
17:00 – 18:32
यमगंड
12:24 – 13:56
गुलिक काल
15:28 – 17:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1607:18दिन
शुक्र07:1808:19दिन
बुध08:1909:20दिन
चंद्र09:2010:22दिन
शनि10:2211:23दिन
गुरु11:2312:24दिन
मंगल12:2413:26दिन
सूर्य13:2614:27दिन
शुक्र14:2715:28दिन
बुध15:2816:30दिन
चंद्र16:3017:31दिन
शनि17:3118:32दिन
गुरु18:3219:31रात
मंगल19:3120:30रात
सूर्य20:3021:29रात
शुक्र21:2922:27रात
बुध22:2723:26रात
चंद्र23:2600:25रात
शनि00:2501:23रात
गुरु01:2302:22रात
मंगल02:2203:21रात
सूर्य03:2104:20रात
शुक्र04:2005:18रात
बुध05:1806:17रात

अयनांश 24.2091° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।