20 मार्च 2025 को पर्थ का चौघड़िया

गुरुवार, 20 मार्च 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 20 मार्च 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (05:15, 21 मार्च तक), नक्षत्र अनुराधा (02:01, 21 मार्च तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 13:54 से 15:25 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 18:27
रात 06:20 तक
तिथि
षष्ठी, 05:15 तक
नक्षत्र
अनुराधा, 02:01 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 मार्च 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:19 – 07:50शुभ
रोग07:50 – 09:21टालें
उद्वेग09:21 – 10:52टालें
चर10:52 – 12:23सामान्य
लाभ12:23 – 13:54शुभ
अमृत13:54 – 15:25शुभ
काल15:25 – 16:56टालें
शुभ16:56 – 18:27शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:27 – 19:56शुभ
चर19:56 – 21:25सामान्य
रोग21:25 – 22:55टालें
काल22:55 – 00:24टालें
लाभ00:24 – 01:53शुभ
उद्वेग01:53 – 03:22टालें
शुभ03:22 – 04:51शुभ
अमृत04:51 – 06:20शुभ

20 मार्च 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 05:15, 21 मार्च तक
कृष्ण सप्तमी 06:54, 22 मार्च तक
नक्षत्र
अनुराधा 02:01, 21 मार्च तक
ज्येष्ठा 04:15, 22 मार्च तक
योग
वज्रअशुभ 20:49 तक
सिद्धि 21:11, 21 मार्च तक
करण
गर 16:14 तक
वणिज 05:15, 21 मार्च तक
विष्टि (भद्रा) 18:09, 21 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
21:34
चंद्रास्त
11:36
दिनमान
12h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:32
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
13:54 – 15:25
यमगंड
06:19 – 07:50
गुलिक काल
09:21 – 10:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1907:20दिन
मंगल07:2008:21दिन
सूर्य08:2109:21दिन
शुक्र09:2110:22दिन
बुध10:2211:23दिन
चंद्र11:2312:23दिन
शनि12:2313:24दिन
गुरु13:2414:25दिन
मंगल14:2515:25दिन
सूर्य15:2516:26दिन
शुक्र16:2617:27दिन
बुध17:2718:27दिन
चंद्र18:2719:27रात
शनि19:2720:26रात
गुरु20:2621:25रात
मंगल21:2522:25रात
सूर्य22:2523:24रात
शुक्र23:2400:24रात
बुध00:2401:23रात
चंद्र01:2302:22रात
शनि02:2203:22रात
गुरु03:2204:21रात
मंगल04:2105:21रात
सूर्य05:2106:20रात

अयनांश 24.2093° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।