3 अप्रैल 2025 को पर्थ का चौघड़िया

गुरुवार, 3 अप्रैल 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 3 अप्रैल 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (00:11, 4 अप्रैल तक), नक्षत्र रोहिणी (09:32 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 18:09 पर है। राहुकाल 13:47 से 15:14 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 18:09
रात 06:29 तक
तिथि
षष्ठी, 00:11 तक
सप्तमी
नक्षत्र
रोहिणी, 09:32 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 अप्रैल 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:29 – 07:56शुभ
रोग07:56 – 09:24टालें
उद्वेग09:24 – 10:52टालें
चर10:52 – 12:19सामान्य
लाभ12:19 – 13:47शुभ
अमृत13:47 – 15:14शुभ
काल15:14 – 16:42टालें
शुभ16:42 – 18:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:09 – 19:42शुभ
चर19:42 – 21:14सामान्य
रोग21:14 – 22:47टालें
काल22:47 – 00:19टालें
लाभ00:19 – 01:52शुभ
उद्वेग01:52 – 03:24टालें
शुभ03:24 – 04:57शुभ
अमृत04:57 – 06:29शुभ

3 अप्रैल 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 00:11, 4 अप्रैल तक
शुक्ल सप्तमी 22:43, 4 अप्रैल तक
नक्षत्र
रोहिणी 09:32 तक
मृगशिरा 08:21, 4 अप्रैल तक
योग
सौभाग्य 02:31, 4 अप्रैल तक
शोभन 00:15, 5 अप्रैल तक
करण
कौलव 13:11 तक
तैतिल 00:11, 4 अप्रैल तक
गर 11:22, 4 अप्रैल तक
चंद्र राशि
वृषभ 20:52 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
18:09
चंद्रोदय
11:58
चंद्रास्त
21:43
दिनमान
11h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:40
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
13:47 – 15:14
यमगंड
06:29 – 07:56
गुलिक काल
09:24 – 10:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2907:27दिन
मंगल07:2708:26दिन
सूर्य08:2609:24दिन
शुक्र09:2410:22दिन
बुध10:2211:21दिन
चंद्र11:2112:19दिन
शनि12:1913:17दिन
गुरु13:1714:16दिन
मंगल14:1615:14दिन
सूर्य15:1416:13दिन
शुक्र16:1317:11दिन
बुध17:1118:09दिन
चंद्र18:0919:11रात
शनि19:1120:13रात
गुरु20:1321:14रात
मंगल21:1422:16रात
सूर्य22:1623:18रात
शुक्र23:1800:19रात
बुध00:1901:21रात
चंद्र01:2102:23रात
शनि02:2303:24रात
गुरु03:2404:26रात
मंगल04:2605:28रात
सूर्य05:2806:29रात

अयनांश 24.2098° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।