26 सितंबर 2025 को पर्थ का चौघड़िया

शुक्रवार, 26 सितंबर 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शुक्रवार, 26 सितंबर 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (12:03 तक), नक्षत्र विशाखा (00:39, 27 सित॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 18:15 पर है। राहुकाल 10:36 से 12:08 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 18:15
रात 05:59 तक
तिथि
चतुर्थी, 12:03 तक
पंचमी
नक्षत्र
विशाखा, 00:39 तक
अनुराधा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

26 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:01 – 07:32सामान्य
लाभ07:32 – 09:04शुभ
अमृत09:04 – 10:36शुभ
काल10:36 – 12:08टालें
शुभ12:08 – 13:39शुभ
रोग13:39 – 15:11टालें
उद्वेग15:11 – 16:43टालें
चर16:43 – 18:15सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:15 – 19:43टालें
काल19:43 – 21:11टालें
लाभ21:11 – 22:39शुभ
उद्वेग22:39 – 00:07टालें
शुभ00:07 – 01:35शुभ
अमृत01:35 – 03:03शुभ
चर03:03 – 04:31सामान्य
रोग04:31 – 05:59टालें

26 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 12:03 तक
शुक्ल पंचमी 14:34, 27 सित॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 00:39, 27 सित॰ तक
अनुराधा 03:38, 28 सित॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 01:20, 27 सित॰ तक
प्रीति 02:15, 28 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:03 तक
बव 01:19, 27 सित॰ तक
बालव 14:34, 27 सित॰ तक
चंद्र राशि
तुला 17:53 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
18:15
चंद्रोदय
08:00
चंद्रास्त
22:30
दिनमान
12h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:26 – 05:13
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
10:36 – 12:08
यमगंड
15:11 – 16:43
गुलिक काल
07:32 – 09:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0107:02दिन
बुध07:0208:03दिन
चंद्र08:0309:04दिन
शनि09:0410:05दिन
गुरु10:0511:06दिन
मंगल11:0612:08दिन
सूर्य12:0813:09दिन
शुक्र13:0914:10दिन
बुध14:1015:11दिन
चंद्र15:1116:12दिन
शनि16:1217:14दिन
गुरु17:1418:15दिन
मंगल18:1519:14रात
सूर्य19:1420:12रात
शुक्र20:1221:11रात
बुध21:1122:10रात
चंद्र22:1023:08रात
शनि23:0800:07रात
गुरु00:0701:06रात
मंगल01:0602:04रात
सूर्य02:0403:03रात
शुक्र03:0304:02रात
बुध04:0205:01रात
चंद्र05:0105:59रात

अयनांश 24.2166° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।