14 अक्टूबर 2025 को पर्थ का चौघड़िया

मंगलवार, 14 अक्टूबर 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

मंगलवार, 14 अक्टूबर 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (13:40 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (14:24 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:38 पर और सूर्यास्त 18:27 पर है। राहुकाल 15:15 से 16:51 तक है।

दिन और रात
दिन 05:38 – 18:27
रात 05:37 तक
तिथि
अष्टमी, 13:40 तक
नवमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 14:24 तक
पुष्य
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:38 – 07:14टालें
उद्वेग07:14 – 08:50टालें
चर08:50 – 10:26सामान्य
लाभ10:26 – 12:02शुभ
अमृत12:02 – 13:38शुभ
काल13:38 – 15:15टालें
शुभ15:15 – 16:51शुभ
रोग16:51 – 18:27टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:27 – 19:51टालें
लाभ19:51 – 21:14शुभ
उद्वेग21:14 – 22:38टालें
शुभ22:38 – 00:02शुभ
अमृत00:02 – 01:25शुभ
चर01:25 – 02:49सामान्य
रोग02:49 – 04:13टालें
काल04:13 – 05:37टालें

14 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 13:40 तक
कृष्ण नवमी 13:04, 15 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 14:30, 15 अक्टू॰ तक
योग
शिव 08:25 तक
सिद्ध 06:41, 15 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 13:40 तक
तैतिल 01:17, 15 अक्टू॰ तक
गर 13:04, 15 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 08:29 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:38
सूर्यास्त
18:27
चंद्रोदय
01:29
चंद्रास्त
11:31
दिनमान
12h 49m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:53
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
15:15 – 16:51
यमगंड
08:50 – 10:26
गुलिक काल
12:02 – 13:38

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:3806:42दिन
सूर्य06:4207:46दिन
शुक्र07:4608:50दिन
बुध08:5009:54दिन
चंद्र09:5410:58दिन
शनि10:5812:02दिन
गुरु12:0213:06दिन
मंगल13:0614:11दिन
सूर्य14:1115:15दिन
शुक्र15:1516:19दिन
बुध16:1917:23दिन
चंद्र17:2318:27दिन
शनि18:2719:23रात
गुरु19:2320:19रात
मंगल20:1921:14रात
सूर्य21:1422:10रात
शुक्र22:1023:06रात
बुध23:0600:02रात
चंद्र00:0200:58रात
शनि00:5801:53रात
गुरु01:5302:49रात
मंगल02:4903:45रात
सूर्य03:4504:41रात
शुक्र04:4105:37रात

अयनांश 24.2172° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।