15 अक्टूबर 2025 को पर्थ का चौघड़िया

बुधवार, 15 अक्टूबर 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

बुधवार, 15 अक्टूबर 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (13:04 तक), नक्षत्र पुष्य (14:30 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:37 पर और सूर्यास्त 18:28 पर है। राहुकाल 12:02 से 13:38 तक है।

दिन और रात
दिन 05:37 – 18:28
रात 05:35 तक
तिथि
नवमी, 13:04 तक
दशमी
नक्षत्र
पुष्य, 14:30 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:37 – 07:13शुभ
अमृत07:13 – 08:49शुभ
काल08:49 – 10:26टालें
शुभ10:26 – 12:02शुभ
रोग12:02 – 13:38टालें
उद्वेग13:38 – 15:15टालें
चर15:15 – 16:51सामान्य
लाभ16:51 – 18:28शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:28 – 19:51टालें
शुभ19:51 – 21:15शुभ
अमृत21:15 – 22:38शुभ
चर22:38 – 00:02सामान्य
रोग00:02 – 01:25टालें
काल01:25 – 02:48टालें
लाभ02:48 – 04:12शुभ
उद्वेग04:12 – 05:35टालें

15 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण नवमी 13:04 तक
कृष्ण दशमी 13:06, 16 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 14:30 तक
आश्लेषा 15:12, 16 अक्टू॰ तक
योग
सिद्ध 06:41 तक
साध्य 05:27, 16 अक्टू॰ तक
शुभ 04:40, 17 अक्टू॰ तक
करण
गर 13:04 तक
वणिज 01:00, 16 अक्टू॰ तक
विष्टि (भद्रा) 13:06, 16 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:37
सूर्यास्त
18:28
चंद्रोदय
02:13
चंद्रास्त
12:37
दिनमान
12h 51m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:07 – 04:52
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:28 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:02 – 13:38
यमगंड
07:13 – 08:49
गुलिक काल
10:26 – 12:02

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:3706:41दिन
चंद्र06:4107:45दिन
शनि07:4508:49दिन
गुरु08:4909:54दिन
मंगल09:5410:58दिन
सूर्य10:5812:02दिन
शुक्र12:0213:06दिन
बुध13:0614:11दिन
चंद्र14:1115:15दिन
शनि15:1516:19दिन
गुरु16:1917:23दिन
मंगल17:2318:28दिन
सूर्य18:2819:23रात
शुक्र19:2320:19रात
बुध20:1921:15रात
चंद्र21:1522:10रात
शनि22:1023:06रात
गुरु23:0600:02रात
मंगल00:0200:57रात
सूर्य00:5701:53रात
शुक्र01:5302:48रात
बुध02:4803:44रात
चंद्र03:4404:40रात
शनि04:4005:35रात

अयनांश 24.2173° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।