20 अक्टूबर 2025 को पर्थ का चौघड़िया

सोमवार, 20 अक्टूबर 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

सोमवार, 20 अक्टूबर 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (18:15 तक), नक्षत्र हस्त (22:46 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:31 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 07:08 से 08:46 तक है।

दिन और रात
दिन 05:31 – 18:31
रात 05:30 तक
तिथि
चतुर्दशी, 18:15 तक
अमावस्या
नक्षत्र
हस्त, 22:46 तक
चित्रा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

20 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:31 – 07:08शुभ
काल07:08 – 08:46टालें
शुभ08:46 – 10:24शुभ
रोग10:24 – 12:01टालें
उद्वेग12:01 – 13:39टालें
चर13:39 – 15:16सामान्य
लाभ15:16 – 16:54शुभ
अमृत16:54 – 18:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:31 – 19:54सामान्य
रोग19:54 – 21:16टालें
काल21:16 – 22:38टालें
लाभ22:38 – 00:01शुभ
उद्वेग00:01 – 01:23टालें
शुभ01:23 – 02:45शुभ
अमृत02:45 – 04:07शुभ
चर04:07 – 05:30सामान्य

20 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 18:15 तक
अमावस्या 20:25, 21 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
हस्त 22:46 तक
चित्रा 01:28, 22 अक्टू॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 05:04, 21 अक्टू॰ तक
विष्कंभअशुभ 05:46, 22 अक्टू॰ तक
करण
शकुनि 18:15 तक
चतुष्पद 07:18, 21 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:31
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
04:38
चंद्रास्त
17:31
दिनमान
13h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:47
अभिजीत मुहूर्त
11:35 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
07:08 – 08:46
यमगंड
10:24 – 12:01
गुलिक काल
13:39 – 15:16

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3106:36दिन
शनि06:3607:41दिन
गुरु07:4108:46दिन
मंगल08:4609:51दिन
सूर्य09:5110:56दिन
शुक्र10:5612:01दिन
बुध12:0113:06दिन
चंद्र13:0614:11दिन
शनि14:1115:16दिन
गुरु15:1616:21दिन
मंगल16:2117:26दिन
सूर्य17:2618:31दिन
शुक्र18:3119:26रात
बुध19:2620:21रात
चंद्र20:2121:16रात
शनि21:1622:11रात
गुरु22:1123:06रात
मंगल23:0600:01रात
सूर्य00:0100:55रात
शुक्र00:5501:50रात
बुध01:5002:45रात
चंद्र02:4503:40रात
शनि03:4004:35रात
गुरु04:3505:30रात

अयनांश 24.2175° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।