25 अक्टूबर 2025 को पर्थ का चौघड़िया

शनिवार, 25 अक्टूबर 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शनिवार, 25 अक्टूबर 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (06:18, 26 अक्टू॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (10:21 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:25 पर और सूर्यास्त 18:35 पर है। राहुकाल 08:43 से 10:22 तक है।

दिन और रात
दिन 05:25 – 18:35
रात 05:24 तक
तिथि
चतुर्थी
नक्षत्र
अनुराधा, 10:21 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:25 – 07:04टालें
शुभ07:04 – 08:43शुभ
रोग08:43 – 10:22टालें
उद्वेग10:22 – 12:00टालें
चर12:00 – 13:39सामान्य
लाभ13:39 – 15:18शुभ
अमृत15:18 – 16:57शुभ
काल16:57 – 18:35टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:35 – 19:56शुभ
उद्वेग19:56 – 21:18टालें
शुभ21:18 – 22:39शुभ
अमृत22:39 – 00:00शुभ
चर00:00 – 01:21सामान्य
रोग01:21 – 02:42टालें
काल02:42 – 04:03टालें
लाभ04:03 – 05:24शुभ

25 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 06:18, 26 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 13:16, 26 अक्टू॰ तक
योग
सौभाग्य 08:24 तक
शोभन 09:15, 26 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 17:05 तक
विष्टि (भद्रा) 06:18, 26 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:25
सूर्यास्त
18:35
चंद्रोदय
07:16
चंद्रास्त
22:16
दिनमान
13h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:59 – 04:42
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
08:43 – 10:22
यमगंड
13:39 – 15:18
गुलिक काल
05:25 – 07:04

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2506:31दिन
गुरु06:3107:37दिन
मंगल07:3708:43दिन
सूर्य08:4309:49दिन
शुक्र09:4910:55दिन
बुध10:5512:00दिन
चंद्र12:0013:06दिन
शनि13:0614:12दिन
गुरु14:1215:18दिन
मंगल15:1816:24दिन
सूर्य16:2417:30दिन
शुक्र17:3018:35दिन
बुध18:3519:29रात
चंद्र19:2920:24रात
शनि20:2421:18रात
गुरु21:1822:12रात
मंगल22:1223:06रात
सूर्य23:0600:00रात
शुक्र00:0000:54रात
बुध00:5401:48रात
चंद्र01:4802:42रात
शनि02:4203:36रात
गुरु03:3604:30रात
मंगल04:3005:24रात

अयनांश 24.2177° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।