28 अक्टूबर 2025 को पर्थ का चौघड़िया

मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

मंगलवार, 28 अक्टूबर 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (10:30 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (18:15 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 18:38 पर है। राहुकाल 15:19 से 16:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:22 – 18:38
रात 05:21 तक
तिथि
षष्ठी, 10:30 तक
सप्तमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 18:15 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:22 – 07:02टालें
उद्वेग07:02 – 08:41टालें
चर08:41 – 10:21सामान्य
लाभ10:21 – 12:00शुभ
अमृत12:00 – 13:40शुभ
काल13:40 – 15:19टालें
शुभ15:19 – 16:58शुभ
रोग16:58 – 18:38टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:38 – 19:58टालें
लाभ19:58 – 21:19शुभ
उद्वेग21:19 – 22:39टालें
शुभ22:39 – 00:00शुभ
अमृत00:00 – 01:20शुभ
चर01:20 – 02:41सामान्य
रोग02:41 – 04:01टालें
काल04:01 – 05:21टालें

28 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 10:30 तक
शुक्ल सप्तमी 11:53, 29 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 20:00, 29 अक्टू॰ तक
योग
सुकर्मा 10:20 तक
धृति 10:21, 29 अक्टू॰ तक
करण
तैतिल 10:30 तक
गर 23:16 तक
वणिज 11:53, 29 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 00:44, 29 अक्टू॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
18:38
चंद्रोदय
09:51
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
13h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:56 – 04:39
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
15:19 – 16:58
यमगंड
08:41 – 10:21
गुलिक काल
12:00 – 13:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:2206:29दिन
सूर्य06:2907:35दिन
शुक्र07:3508:41दिन
बुध08:4109:48दिन
चंद्र09:4810:54दिन
शनि10:5412:00दिन
गुरु12:0013:06दिन
मंगल13:0614:13दिन
सूर्य14:1315:19दिन
शुक्र15:1916:25दिन
बुध16:2517:31दिन
चंद्र17:3118:38दिन
शनि18:3819:31रात
गुरु19:3120:25रात
मंगल20:2521:19रात
सूर्य21:1922:12रात
शुक्र22:1223:06रात
बुध23:0600:00रात
चंद्र00:0000:53रात
शनि00:5301:47रात
गुरु01:4702:41रात
मंगल02:4103:34रात
सूर्य03:3404:28रात
शुक्र04:2805:21रात

अयनांश 24.2178° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।