29 अक्टूबर 2025 को पर्थ का चौघड़िया

बुधवार, 29 अक्टूबर 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

बुधवार, 29 अक्टूबर 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (11:53 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (20:00 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:21 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 12:00 से 13:40 तक है।

दिन और रात
दिन 05:21 – 18:39
रात 05:21 तक
तिथि
सप्तमी, 11:53 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 20:00 तक
श्रवण
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:21 – 07:01शुभ
अमृत07:01 – 08:41शुभ
काल08:41 – 10:20टालें
शुभ10:20 – 12:00शुभ
रोग12:00 – 13:40टालें
उद्वेग13:40 – 15:19टालें
चर15:19 – 16:59सामान्य
लाभ16:59 – 18:39शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:39 – 19:59टालें
शुभ19:59 – 21:19शुभ
अमृत21:19 – 22:39शुभ
चर22:39 – 00:00सामान्य
रोग00:00 – 01:20टालें
काल01:20 – 02:40टालें
लाभ02:40 – 04:00शुभ
उद्वेग04:00 – 05:21टालें

29 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 11:53 तक
शुक्ल अष्टमी 12:37, 30 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 21:03, 30 अक्टू॰ तक
योग
धृति 10:21 तक
शूलअशुभ 09:50, 30 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 11:53 तक
विष्टि (भद्रा) 00:20, 30 अक्टू॰ तक
बव 12:37, 30 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:21
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
10:51
चंद्रास्त
00:43
दिनमान
13h 17m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:56 – 04:39
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:27 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:00 – 13:40
यमगंड
07:01 – 08:41
गुलिक काल
10:20 – 12:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2106:28दिन
चंद्र06:2807:34दिन
शनि07:3408:41दिन
गुरु08:4109:47दिन
मंगल09:4710:54दिन
सूर्य10:5412:00दिन
शुक्र12:0013:06दिन
बुध13:0614:13दिन
चंद्र14:1315:19दिन
शनि15:1916:26दिन
गुरु16:2617:32दिन
मंगल17:3218:39दिन
सूर्य18:3919:32रात
शुक्र19:3220:26रात
बुध20:2621:19रात
चंद्र21:1922:13रात
शनि22:1323:06रात
गुरु23:0600:00रात
मंगल00:0000:53रात
सूर्य00:5301:47रात
शुक्र01:4702:40रात
बुध02:4003:34रात
चंद्र03:3404:27रात
शनि04:2705:21रात

अयनांश 24.2178° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।