11 नवंबर 2025 को पर्थ का चौघड़िया

मंगलवार, 11 नवंबर 2025, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

मंगलवार, 11 नवंबर 2025 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (01:39, 12 नव॰ तक), नक्षत्र पुष्य (20:48 तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:11 पर और सूर्यास्त 18:50 पर है। राहुकाल 15:25 से 17:07 तक है।

दिन और रात
दिन 05:11 – 18:50
रात 05:10 तक
तिथि
सप्तमी, 01:39 तक
अष्टमी
नक्षत्र
पुष्य, 20:48 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:11 – 06:53टालें
उद्वेग06:53 – 08:36टालें
चर08:36 – 10:18सामान्य
लाभ10:18 – 12:00शुभ
अमृत12:00 – 13:43शुभ
काल13:43 – 15:25टालें
शुभ15:25 – 17:07शुभ
रोग17:07 – 18:50टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:50 – 20:07टालें
लाभ20:07 – 21:25शुभ
उद्वेग21:25 – 22:42टालें
शुभ22:42 – 00:00शुभ
अमृत00:00 – 01:17शुभ
चर01:17 – 02:35सामान्य
रोग02:35 – 03:53टालें
काल03:53 – 05:10टालें

11 नवंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 01:39, 12 नव॰ तक
कृष्ण अष्टमी 01:28, 13 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 20:48 तक
आश्लेषा 21:05, 12 नव॰ तक
योग
शुभ 12:14 तक
शुक्ल 10:32, 12 नव॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:02 तक
बव 01:39, 12 नव॰ तक
बालव 13:28, 12 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:11
सूर्यास्त
18:50
चंद्रोदय
00:10
चंद्रास्त
10:27
दिनमान
13h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:48 – 04:29
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
15:25 – 17:07
यमगंड
08:36 – 10:18
गुलिक काल
12:00 – 13:43

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:1106:19दिन
सूर्य06:1907:27दिन
शुक्र07:2708:36दिन
बुध08:3609:44दिन
चंद्र09:4410:52दिन
शनि10:5212:00दिन
गुरु12:0013:09दिन
मंगल13:0914:17दिन
सूर्य14:1715:25दिन
शुक्र15:2516:33दिन
बुध16:3317:42दिन
चंद्र17:4218:50दिन
शनि18:5019:41रात
गुरु19:4120:33रात
मंगल20:3321:25रात
सूर्य21:2522:17रात
शुक्र22:1723:08रात
बुध23:0800:00रात
चंद्र00:0000:52रात
शनि00:5201:43रात
गुरु01:4302:35रात
मंगल02:3503:27रात
सूर्य03:2704:18रात
शुक्र04:1805:10रात

अयनांश 24.2183° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।