1 जनवरी 2026 को पर्थ का चौघड़िया

गुरुवार, 1 जनवरी 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 1 जनवरी 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (00:52, 2 जन॰ तक), नक्षत्र रोहिणी (01:18, 2 जन॰ तक) और योग शुभ है। सूर्योदय 05:13 पर और सूर्यास्त 19:25 पर है। राहुकाल 14:06 से 15:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:13 – 19:25
रात 05:14 तक
तिथि
त्रयोदशी, 00:52 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
रोहिणी, 01:18 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:13 – 07:00शुभ
रोग07:00 – 08:46टालें
उद्वेग08:46 – 10:33टालें
चर10:33 – 12:19सामान्य
लाभ12:19 – 14:06शुभ
अमृत14:06 – 15:52शुभ
काल15:52 – 17:39टालें
शुभ17:39 – 19:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:25 – 20:39शुभ
चर20:39 – 21:53सामान्य
रोग21:53 – 23:06टालें
काल23:06 – 00:20टालें
लाभ00:20 – 01:33शुभ
उद्वेग01:33 – 02:47टालें
शुभ02:47 – 04:01शुभ
अमृत04:01 – 05:14शुभ

1 जनवरी 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 00:52, 2 जन॰ तक
शुक्ल चतुर्दशी 21:23, 2 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 01:18, 2 जन॰ तक
मृगशिरा 22:34, 2 जन॰ तक
योग
शुभ 19:42 तक
शुक्ल 15:37, 2 जन॰ तक
करण
कौलव 14:36 तक
तैतिल 00:52, 2 जन॰ तक
गर 11:08, 2 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:13
सूर्यास्त
19:25
चंद्रोदय
17:30
चंद्रास्त
02:24
दिनमान
14h 12m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:55 – 04:34
अभिजीत मुहूर्त
11:51 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
14:06 – 15:52
यमगंड
05:13 – 07:00
गुलिक काल
08:46 – 10:33

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:1306:24दिन
मंगल06:2407:35दिन
सूर्य07:3508:46दिन
शुक्र08:4609:57दिन
बुध09:5711:08दिन
चंद्र11:0812:19दिन
शनि12:1913:30दिन
गुरु13:3014:41दिन
मंगल14:4115:52दिन
सूर्य15:5217:03दिन
शुक्र17:0318:14दिन
बुध18:1419:25दिन
चंद्र19:2520:14रात
शनि20:1421:04रात
गुरु21:0421:53रात
मंगल21:5322:42रात
सूर्य22:4223:31रात
शुक्र23:3100:20रात
बुध00:2001:09रात
चंद्र01:0901:58रात
शनि01:5802:47रात
गुरु02:4703:36रात
मंगल03:3604:25रात
सूर्य04:2505:14रात

अयनांश 24.2203° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।