9 जनवरी 2026 को पर्थ का चौघड़िया

शुक्रवार, 9 जनवरी 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण षष्ठी (09:35 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (16:10 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:20 पर और सूर्यास्त 19:26 पर है। राहुकाल 10:37 से 12:23 तक है।

दिन और रात
दिन 05:20 – 19:26
रात 05:21 तक
तिथि
षष्ठी, 09:35 तक
सप्तमी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 16:10 तक
हस्त
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:20 – 07:05सामान्य
लाभ07:05 – 08:51शुभ
अमृत08:51 – 10:37शुभ
काल10:37 – 12:23टालें
शुभ12:23 – 14:09शुभ
रोग14:09 – 15:55टालें
उद्वेग15:55 – 17:40टालें
चर17:40 – 19:26सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:26 – 20:40टालें
काल20:40 – 21:55टालें
लाभ21:55 – 23:09शुभ
उद्वेग23:09 – 00:23टालें
शुभ00:23 – 01:38शुभ
अमृत01:38 – 02:52शुभ
चर02:52 – 04:06सामान्य
रोग04:06 – 05:21टालें

9 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण षष्ठी 09:35 तक
कृष्ण सप्तमी 10:54, 10 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 18:09, 10 जन॰ तक
योग
शोभन 19:25 तक
अतिगंडअशुभ 19:28, 10 जन॰ तक
करण
वणिज 09:35 तक
विष्टि (भद्रा) 22:09 तक
बव 10:54, 10 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:20
सूर्यास्त
19:26
चंद्रोदय
23:12
चंद्रास्त
11:10
दिनमान
14h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:01 – 04:40
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
10:37 – 12:23
यमगंड
15:55 – 17:40
गुलिक काल
07:05 – 08:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:2006:30दिन
बुध06:3007:41दिन
चंद्र07:4108:51दिन
शनि08:5110:02दिन
गुरु10:0211:12दिन
मंगल11:1212:23दिन
सूर्य12:2313:33दिन
शुक्र13:3314:44दिन
बुध14:4415:55दिन
चंद्र15:5517:05दिन
शनि17:0518:16दिन
गुरु18:1619:26दिन
मंगल19:2620:16रात
सूर्य20:1621:05रात
शुक्र21:0521:55रात
बुध21:5522:44रात
चंद्र22:4423:34रात
शनि23:3400:23रात
गुरु00:2301:13रात
मंगल01:1302:02रात
सूर्य02:0202:52रात
शुक्र02:5203:41रात
बुध03:4104:31रात
चंद्र04:3105:21रात

अयनांश 24.2206° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।