10 जनवरी 2026 को पर्थ का चौघड़िया

शनिवार, 10 जनवरी 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शनिवार, 10 जनवरी 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (10:54 तक), नक्षत्र हस्त (18:09 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:21 पर और सूर्यास्त 19:26 पर है। राहुकाल 08:52 से 10:38 तक है।

दिन और रात
दिन 05:21 – 19:26
रात 05:21 तक
तिथि
सप्तमी, 10:54 तक
अष्टमी
नक्षत्र
हस्त, 18:09 तक
चित्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:21 – 07:06टालें
शुभ07:06 – 08:52शुभ
रोग08:52 – 10:38टालें
उद्वेग10:38 – 12:23टालें
चर12:23 – 14:09सामान्य
लाभ14:09 – 15:55शुभ
अमृत15:55 – 17:40शुभ
काल17:40 – 19:26टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:26 – 20:40शुभ
उद्वेग20:40 – 21:55टालें
शुभ21:55 – 23:09शुभ
अमृत23:09 – 00:24शुभ
चर00:24 – 01:38सामान्य
रोग01:38 – 02:53टालें
काल02:53 – 04:07टालें
लाभ04:07 – 05:21शुभ

10 जनवरी 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 10:54 तक
कृष्ण अष्टमी 12:50, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 18:09 तक
चित्रा 20:42, 11 जन॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 19:28 तक
सुकर्मा 19:57, 11 जन॰ तक
करण
बव 10:54 तक
बालव 23:48 तक
कौलव 12:50, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:21
सूर्यास्त
19:26
चंद्रोदय
23:38
चंद्रास्त
12:07
दिनमान
14h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:01 – 04:41
अभिजीत मुहूर्त
11:55 – 12:51

अशुभ समय

राहुकाल
08:52 – 10:38
यमगंड
14:09 – 15:55
गुलिक काल
05:21 – 07:06

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2106:31दिन
गुरु06:3107:41दिन
मंगल07:4108:52दिन
सूर्य08:5210:02दिन
शुक्र10:0211:13दिन
बुध11:1312:23दिन
चंद्र12:2313:34दिन
शनि13:3414:44दिन
गुरु14:4415:55दिन
मंगल15:5517:05दिन
सूर्य17:0518:16दिन
शुक्र18:1619:26दिन
बुध19:2620:16रात
चंद्र20:1621:05रात
शनि21:0521:55रात
गुरु21:5522:45रात
मंगल22:4523:34रात
सूर्य23:3400:24रात
शुक्र00:2401:13रात
बुध01:1302:03रात
चंद्र02:0302:53रात
शनि02:5303:42रात
गुरु03:4204:32रात
मंगल04:3205:21रात

अयनांश 24.2206° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।