12 जनवरी 2026 को पर्थ का चौघड़िया

सोमवार, 12 जनवरी 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

सोमवार, 12 जनवरी 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (15:13 तक), नक्षत्र स्वाति (23:35 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 19:26 पर है। राहुकाल 07:08 से 08:53 तक है।

दिन और रात
दिन 05:22 – 19:26
रात 05:23 तक
तिथि
नवमी, 15:13 तक
दशमी
नक्षत्र
स्वाति, 23:35 तक
विशाखा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:22 – 07:08शुभ
काल07:08 – 08:53टालें
शुभ08:53 – 10:39शुभ
रोग10:39 – 12:24टालें
उद्वेग12:24 – 14:10टालें
चर14:10 – 15:55सामान्य
लाभ15:55 – 17:40शुभ
अमृत17:40 – 19:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:26 – 20:41सामान्य
रोग20:41 – 21:55टालें
काल21:55 – 23:10टालें
लाभ23:10 – 00:25शुभ
उद्वेग00:25 – 01:39टालें
शुभ01:39 – 02:54शुभ
अमृत02:54 – 04:08शुभ
चर04:08 – 05:23सामान्य

12 जनवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण नवमी 15:13 तक
कृष्ण दशमी 17:48, 13 जन॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 23:35 तक
विशाखा 02:36, 14 जन॰ तक
योग
धृति 20:42 तक
शूलअशुभ 21:34, 13 जन॰ तक
करण
गर 15:13 तक
वणिज 04:30, 13 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 17:48, 13 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
19:26
चंद्रोदय
00:06
चंद्रास्त
14:00
दिनमान
14h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:03 – 04:43
अभिजीत मुहूर्त
11:56 – 12:52

अशुभ समय

राहुकाल
07:08 – 08:53
यमगंड
10:39 – 12:24
गुलिक काल
14:10 – 15:55

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2206:33दिन
शनि06:3307:43दिन
गुरु07:4308:53दिन
मंगल08:5310:03दिन
सूर्य10:0311:14दिन
शुक्र11:1412:24दिन
बुध12:2413:34दिन
चंद्र13:3414:45दिन
शनि14:4515:55दिन
गुरु15:5517:05दिन
मंगल17:0518:16दिन
सूर्य18:1619:26दिन
शुक्र19:2620:16रात
बुध20:1621:05रात
चंद्र21:0521:55रात
शनि21:5522:45रात
गुरु22:4523:35रात
मंगल23:3500:25रात
सूर्य00:2501:14रात
शुक्र01:1402:04रात
बुध02:0402:54रात
चंद्र02:5403:44रात
शनि03:4404:33रात
गुरु04:3305:23रात

अयनांश 24.2207° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।