15 फ़रवरी 2026 को पर्थ का चौघड़िया

रविवार, 15 फ़रवरी 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

रविवार, 15 फ़रवरी 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (19:35 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (22:18 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 19:06 पर है। राहुकाल 17:27 से 19:06 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 19:06
रात 05:54 तक
तिथि
त्रयोदशी, 19:35 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 22:18 तक
श्रवण
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:54 – 07:33टालें
चर07:33 – 09:12सामान्य
लाभ09:12 – 10:51शुभ
अमृत10:51 – 12:30शुभ
काल12:30 – 14:09टालें
शुभ14:09 – 15:48शुभ
रोग15:48 – 17:27टालें
उद्वेग17:27 – 19:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:06 – 20:27शुभ
अमृत20:27 – 21:48शुभ
चर21:48 – 23:09सामान्य
रोग23:09 – 00:30टालें
काल00:30 – 01:51टालें
लाभ01:51 – 03:12शुभ
उद्वेग03:12 – 04:33टालें
शुभ04:33 – 05:54शुभ

15 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 19:35 तक
कृष्ण चतुर्दशी 20:04, 16 फ़र॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 23:18, 16 फ़र॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 05:16, 16 फ़र॰ तक
वरीयान 04:20, 17 फ़र॰ तक
करण
गर 07:08 तक
वणिज 19:35 तक
विष्टि (भद्रा) 07:54, 16 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
19:06
चंद्रोदय
03:18
चंद्रास्त
17:54
दिनमान
13h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:27 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
17:27 – 19:06
यमगंड
12:30 – 14:09
गुलिक काल
15:48 – 17:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:5407:00दिन
शुक्र07:0008:06दिन
बुध08:0609:12दिन
चंद्र09:1210:18दिन
शनि10:1811:24दिन
गुरु11:2412:30दिन
मंगल12:3013:36दिन
सूर्य13:3614:42दिन
शुक्र14:4215:48दिन
बुध15:4816:54दिन
चंद्र16:5418:00दिन
शनि18:0019:06दिन
गुरु19:0620:00रात
मंगल20:0020:54रात
सूर्य20:5421:48रात
शुक्र21:4822:42रात
बुध22:4223:36रात
चंद्र23:3600:30रात
शनि00:3001:24रात
गुरु01:2402:18रात
मंगल02:1803:12रात
सूर्य03:1204:06रात
शुक्र04:0605:00रात
बुध05:0005:54रात

अयनांश 24.2220° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।