16 फ़रवरी 2026 को पर्थ का चौघड़िया

सोमवार, 16 फ़रवरी 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

सोमवार, 16 फ़रवरी 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (20:04 तक), नक्षत्र श्रवण (23:18 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:54 पर और सूर्यास्त 19:05 पर है। राहुकाल 07:33 से 09:12 तक है।

दिन और रात
दिन 05:54 – 19:05
रात 05:55 तक
तिथि
चतुर्दशी, 20:04 तक
अमावस्या
नक्षत्र
श्रवण, 23:18 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:54 – 07:33शुभ
काल07:33 – 09:12टालें
शुभ09:12 – 10:51शुभ
रोग10:51 – 12:30टालें
उद्वेग12:30 – 14:09टालें
चर14:09 – 15:48सामान्य
लाभ15:48 – 17:26शुभ
अमृत17:26 – 19:05शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:05 – 20:27सामान्य
रोग20:27 – 21:48टालें
काल21:48 – 23:09टालें
लाभ23:09 – 00:30शुभ
उद्वेग00:30 – 01:52टालें
शुभ01:52 – 03:13शुभ
अमृत03:13 – 04:34शुभ
चर04:34 – 05:55सामान्य

16 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 20:04 तक
अमावस्या 20:01, 17 फ़र॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 23:18 तक
धनिष्ठा 23:46, 17 फ़र॰ तक
योग
वरीयान 04:20, 17 फ़र॰ तक
परिघअशुभ 02:58, 18 फ़र॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 07:54 तक
शकुनि 20:04 तक
चतुष्पद 08:06, 17 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:54
सूर्यास्त
19:05
चंद्रोदय
04:20
चंद्रास्त
18:30
दिनमान
13h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:28 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
07:33 – 09:12
यमगंड
10:51 – 12:30
गुलिक काल
14:09 – 15:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5407:00दिन
शनि07:0008:06दिन
गुरु08:0609:12दिन
मंगल09:1210:18दिन
सूर्य10:1811:24दिन
शुक्र11:2412:30दिन
बुध12:3013:36दिन
चंद्र13:3614:42दिन
शनि14:4215:48दिन
गुरु15:4816:53दिन
मंगल16:5317:59दिन
सूर्य17:5919:05दिन
शुक्र19:0519:59रात
बुध19:5920:54रात
चंद्र20:5421:48रात
शनि21:4822:42रात
गुरु22:4223:36रात
मंगल23:3600:30रात
सूर्य00:3001:24रात
शुक्र01:2402:19रात
बुध02:1903:13रात
चंद्र03:1304:07रात
शनि04:0705:01रात
गुरु05:0105:55रात

अयनांश 24.2220° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।