25 फ़रवरी 2026 को पर्थ का चौघड़िया

बुधवार, 25 फ़रवरी 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

बुधवार, 25 फ़रवरी 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (07:22 तक), नक्षत्र रोहिणी (16:08 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 06:02 पर और सूर्यास्त 18:56 पर है। राहुकाल 12:29 से 14:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:02 – 18:56
रात 06:03 तक
तिथि
नवमी, 05:11 तक
दशमी
नक्षत्र
रोहिणी, 16:08 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:02 – 07:39शुभ
अमृत07:39 – 09:15शुभ
काल09:15 – 10:52टालें
शुभ10:52 – 12:29शुभ
रोग12:29 – 14:06टालें
उद्वेग14:06 – 15:42टालें
चर15:42 – 17:19सामान्य
लाभ17:19 – 18:56शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:56 – 20:19टालें
शुभ20:19 – 21:42शुभ
अमृत21:42 – 23:06शुभ
चर23:06 – 00:29सामान्य
रोग00:29 – 01:53टालें
काल01:53 – 03:16टालें
लाभ03:16 – 04:39शुभ
उद्वेग04:39 – 06:03टालें

25 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 07:22 तक
शुक्ल नवमी 05:11, 26 फ़र॰ तक
शुक्ल दशमी 03:03, 27 फ़र॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 16:08 तक
मृगशिरा 14:41, 26 फ़र॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 06:56 तक
विष्कंभअशुभ 03:58, 26 फ़र॰ तक
प्रीति 01:03, 27 फ़र॰ तक
करण
बव 07:22 तक
बालव 18:16 तक
कौलव 05:11, 26 फ़र॰ तक
तैतिल 16:07, 26 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 03:24, 26 फ़र॰ तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:02
सूर्यास्त
18:56
चंद्रोदय
14:12
चंद्रास्त
23:59
दिनमान
12h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:18
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:55 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:29 – 14:06
यमगंड
07:39 – 09:15
गुलिक काल
10:52 – 12:29

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:0207:06दिन
चंद्र07:0608:11दिन
शनि08:1109:15दिन
गुरु09:1510:20दिन
मंगल10:2011:24दिन
सूर्य11:2412:29दिन
शुक्र12:2913:33दिन
बुध13:3314:38दिन
चंद्र14:3815:42दिन
शनि15:4216:47दिन
गुरु16:4717:51दिन
मंगल17:5118:56दिन
सूर्य18:5619:51रात
शुक्र19:5120:47रात
बुध20:4721:42रात
चंद्र21:4222:38रात
शनि22:3823:34रात
गुरु23:3400:29रात
मंगल00:2901:25रात
सूर्य01:2502:20रात
शुक्र02:2003:16रात
बुध03:1604:12रात
चंद्र04:1205:07रात
शनि05:0706:03रात

अयनांश 24.2224° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।