6 अक्टूबर 2026 को पर्थ का चौघड़िया

मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (03:04, 7 अक्टू॰ तक), नक्षत्र आश्लेषा (00:47, 7 अक्टू॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:48 पर और सूर्यास्त 18:21 पर है। राहुकाल 15:13 से 16:47 तक है।

दिन और रात
दिन 05:48 – 18:21
रात 05:47 तक
तिथि
एकादशी, 03:04 तक
द्वादशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 00:47 तक
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:48 – 07:22टालें
उद्वेग07:22 – 08:56टालें
चर08:56 – 10:30सामान्य
लाभ10:30 – 12:05शुभ
अमृत12:05 – 13:39शुभ
काल13:39 – 15:13टालें
शुभ15:13 – 16:47शुभ
रोग16:47 – 18:21टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:21 – 19:47टालें
लाभ19:47 – 21:13शुभ
उद्वेग21:13 – 22:38टालें
शुभ22:38 – 00:04शुभ
अमृत00:04 – 01:30शुभ
चर01:30 – 02:55सामान्य
रोग02:55 – 04:21टालें
काल04:21 – 05:47टालें

6 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 03:04, 7 अक्टू॰ तक
कृष्ण द्वादशी 01:47, 8 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 00:47, 7 अक्टू॰ तक
मघा 00:10, 8 अक्टू॰ तक
योग
सिद्ध 09:50 तक
साध्य 07:30, 7 अक्टू॰ तक
करण
बव 15:49 तक
बालव 03:04, 7 अक्टू॰ तक
कौलव 14:23, 7 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 00:47, 7 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:48
सूर्यास्त
18:21
चंद्रोदय
03:06
चंद्रास्त
13:56
दिनमान
12h 33m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:16 – 05:02
अभिजीत मुहूर्त
11:39 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
15:13 – 16:47
यमगंड
08:56 – 10:30
गुलिक काल
12:05 – 13:39

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:4806:51दिन
सूर्य06:5107:53दिन
शुक्र07:5308:56दिन
बुध08:5609:59दिन
चंद्र09:5911:02दिन
शनि11:0212:05दिन
गुरु12:0513:07दिन
मंगल13:0714:10दिन
सूर्य14:1015:13दिन
शुक्र15:1316:16दिन
बुध16:1617:18दिन
चंद्र17:1818:21दिन
शनि18:2119:18रात
गुरु19:1820:15रात
मंगल20:1521:13रात
सूर्य21:1322:10रात
शुक्र22:1023:07रात
बुध23:0700:04रात
चंद्र00:0401:01रात
शनि01:0101:58रात
गुरु01:5802:55रात
मंगल02:5503:52रात
सूर्य03:5204:49रात
शुक्र04:4905:47रात

अयनांश 24.2309° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।