12 अक्टूबर 2026 को पर्थ का चौघड़िया

सोमवार, 12 अक्टूबर 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (00:43, 13 अक्टू॰ तक), नक्षत्र स्वाति (02:22, 13 अक्टू॰ तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 18:25 पर है। राहुकाल 07:16 से 08:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 18:25
रात 05:39 तक
तिथि
द्वितीया, 00:43 तक
तृतीया
नक्षत्र
स्वाति, 02:22 तक
विशाखा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:40 – 07:16शुभ
काल07:16 – 08:52टालें
शुभ08:52 – 10:27शुभ
रोग10:27 – 12:03टालें
उद्वेग12:03 – 13:38टालें
चर13:38 – 15:14सामान्य
लाभ15:14 – 16:50शुभ
अमृत16:50 – 18:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:25 – 19:50सामान्य
रोग19:50 – 21:14टालें
काल21:14 – 22:38टालें
लाभ22:38 – 00:02शुभ
उद्वेग00:02 – 01:27टालें
शुभ01:27 – 02:51शुभ
अमृत02:51 – 04:15शुभ
चर04:15 – 05:39सामान्य

12 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 00:43, 13 अक्टू॰ तक
शुक्ल तृतीया 01:58, 14 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 02:22, 13 अक्टू॰ तक
विशाखा 04:13, 14 अक्टू॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 23:02 तक
प्रीति 22:53, 13 अक्टू॰ तक
करण
बालव 12:18 तक
कौलव 00:43, 13 अक्टू॰ तक
तैतिल 13:16, 13 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
18:25
चंद्रोदय
06:09
चंद्रास्त
20:11
दिनमान
12h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
07:16 – 08:52
यमगंड
10:27 – 12:03
गुलिक काल
13:38 – 15:14

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:4006:44दिन
शनि06:4407:48दिन
गुरु07:4808:52दिन
मंगल08:5209:55दिन
सूर्य09:5510:59दिन
शुक्र10:5912:03दिन
बुध12:0313:07दिन
चंद्र13:0714:10दिन
शनि14:1015:14दिन
गुरु15:1416:18दिन
मंगल16:1817:22दिन
सूर्य17:2218:25दिन
शुक्र18:2519:21रात
बुध19:2120:18रात
चंद्र20:1821:14रात
शनि21:1422:10रात
गुरु22:1023:06रात
मंगल23:0600:02रात
सूर्य00:0200:58रात
शुक्र00:5801:55रात
बुध01:5502:51रात
चंद्र02:5103:47रात
शनि03:4704:43रात
गुरु04:4305:39रात

अयनांश 24.2311° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।