28 नवंबर 2026 को पर्थ का चौघड़िया

शनिवार, 28 नवंबर 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शनिवार, 28 नवंबर 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (09:10 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (15:20 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 05:03 पर और सूर्यास्त 19:05 पर है। राहुकाल 08:34 से 10:19 तक है।

दिन और रात
दिन 05:03 – 19:05
रात 05:03 तक
तिथि
चतुर्थी, 09:10 तक
पंचमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 15:20 तक
पुष्य
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

28 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:03 – 06:48टालें
शुभ06:48 – 08:34शुभ
रोग08:34 – 10:19टालें
उद्वेग10:19 – 12:04टालें
चर12:04 – 13:49सामान्य
लाभ13:49 – 15:34शुभ
अमृत15:34 – 17:20शुभ
काल17:20 – 19:05टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:05 – 20:20शुभ
उद्वेग20:20 – 21:34टालें
शुभ21:34 – 22:49शुभ
अमृत22:49 – 00:04शुभ
चर00:04 – 01:19सामान्य
रोग01:19 – 02:34टालें
काल02:34 – 03:48टालें
लाभ03:48 – 05:03शुभ

28 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 09:10 तक
कृष्ण पंचमी 06:27, 29 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 13:29, 29 नव॰ तक
योग
शुक्ल 22:48 तक
ब्रह्म 19:38, 29 नव॰ तक
करण
बालव 09:10 तक
कौलव 19:45 तक
तैतिल 06:27, 29 नव॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 09:52 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:03
सूर्यास्त
19:05
चंद्रोदय
23:03
चंद्रास्त
08:26
दिनमान
14h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:43 – 04:23
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
08:34 – 10:19
यमगंड
13:49 – 15:34
गुलिक काल
05:03 – 06:48

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:0306:13दिन
गुरु06:1307:24दिन
मंगल07:2408:34दिन
सूर्य08:3409:44दिन
शुक्र09:4410:54दिन
बुध10:5412:04दिन
चंद्र12:0413:14दिन
शनि13:1414:24दिन
गुरु14:2415:34दिन
मंगल15:3416:45दिन
सूर्य16:4517:55दिन
शुक्र17:5519:05दिन
बुध19:0519:55रात
चंद्र19:5520:44रात
शनि20:4421:34रात
गुरु21:3422:24रात
मंगल22:2423:14रात
सूर्य23:1400:04रात
शुक्र00:0400:54रात
बुध00:5401:44रात
चंद्र01:4402:34रात
शनि02:3403:23रात
गुरु03:2304:13रात
मंगल04:1305:03रात

अयनांश 24.2329° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।