29 नवंबर 2026 को पर्थ का चौघड़िया

रविवार, 29 नवंबर 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

रविवार, 29 नवंबर 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (06:27 तक), नक्षत्र पुष्य (13:29 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:03 पर और सूर्यास्त 19:06 पर है। राहुकाल 17:20 से 19:06 तक है।

दिन और रात
दिन 05:03 – 19:06
रात 05:03 तक
तिथि
षष्ठी, 04:17 तक
नक्षत्र
पुष्य, 13:29 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:03 – 06:48टालें
चर06:48 – 08:34सामान्य
लाभ08:34 – 10:19शुभ
अमृत10:19 – 12:04शुभ
काल12:04 – 13:50टालें
शुभ13:50 – 15:35शुभ
रोग15:35 – 17:20टालें
उद्वेग17:20 – 19:06टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:06 – 20:20शुभ
अमृत20:20 – 21:35शुभ
चर21:35 – 22:50सामान्य
रोग22:50 – 00:04टालें
काल00:04 – 01:19टालें
लाभ01:19 – 02:34शुभ
उद्वेग02:34 – 03:48टालें
शुभ03:48 – 05:03शुभ

29 नवंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 06:27 तक
कृष्ण षष्ठी 04:17, 30 नव॰ तक
कृष्ण सप्तमी 02:42, 1 दिस॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 13:29 तक
आश्लेषा 12:12, 30 नव॰ तक
योग
ब्रह्म 19:38 तक
इंद्र 16:57, 30 नव॰ तक
करण
तैतिल 06:27 तक
गर 17:18 तक
वणिज 04:17, 30 नव॰ तक
विष्टि (भद्रा) 15:25, 30 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:03
सूर्यास्त
19:06
चंद्रोदय
23:43
चंद्रास्त
09:38
दिनमान
14h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:43 – 04:23
अभिजीत मुहूर्त
11:36 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
17:20 – 19:06
यमगंड
12:04 – 13:50
गुलिक काल
15:35 – 17:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:0306:13दिन
शुक्र06:1307:24दिन
बुध07:2408:34दिन
चंद्र08:3409:44दिन
शनि09:4410:54दिन
गुरु10:5412:04दिन
मंगल12:0413:15दिन
सूर्य13:1514:25दिन
शुक्र14:2515:35दिन
बुध15:3516:45दिन
चंद्र16:4517:55दिन
शनि17:5519:06दिन
गुरु19:0619:55रात
मंगल19:5520:45रात
सूर्य20:4521:35रात
शुक्र21:3522:25रात
बुध22:2523:15रात
चंद्र23:1500:04रात
शनि00:0400:54रात
गुरु00:5401:44रात
मंगल01:4402:34रात
सूर्य02:3403:23रात
शुक्र03:2304:13रात
बुध04:1305:03रात

अयनांश 24.2330° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।