3 दिसंबर 2026 को पर्थ का चौघड़िया

गुरुवार, 3 दिसंबर 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 3 दिसंबर 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (01:34, 4 दिस॰ तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (11:53 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:03 पर और सूर्यास्त 19:09 पर है। राहुकाल 13:52 से 15:37 तक है।

दिन और रात
दिन 05:03 – 19:09
रात 05:03 तक
तिथि
दशमी, 01:34 तक
एकादशी
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 11:53 तक
हस्त
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:03 – 06:48शुभ
रोग06:48 – 08:34टालें
उद्वेग08:34 – 10:20टालें
चर10:20 – 12:06सामान्य
लाभ12:06 – 13:52शुभ
अमृत13:52 – 15:37शुभ
काल15:37 – 17:23टालें
शुभ17:23 – 19:09शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:09 – 20:23शुभ
चर20:23 – 21:37सामान्य
रोग21:37 – 22:52टालें
काल22:52 – 00:06टालें
लाभ00:06 – 01:20शुभ
उद्वेग01:20 – 02:34टालें
शुभ02:34 – 03:48शुभ
अमृत03:48 – 05:03शुभ

3 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण दशमी 01:34, 4 दिस॰ तक
कृष्ण एकादशी 02:15, 5 दिस॰ तक
नक्षत्र
हस्त 12:53, 4 दिस॰ तक
योग
प्रीति 11:45 तक
आयुष्मान 10:53, 4 दिस॰ तक
करण
वणिज 13:24 तक
विष्टि (भद्रा) 01:34, 4 दिस॰ तक
बव 13:51, 4 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:03
सूर्यास्त
19:09
चंद्रोदय
01:15
चंद्रास्त
13:54
दिनमान
14h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:43 – 04:23
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
13:52 – 15:37
यमगंड
05:03 – 06:48
गुलिक काल
08:34 – 10:20

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:0306:13दिन
मंगल06:1307:24दिन
सूर्य07:2408:34दिन
शुक्र08:3409:45दिन
बुध09:4510:55दिन
चंद्र10:5512:06दिन
शनि12:0613:16दिन
गुरु13:1614:27दिन
मंगल14:2715:37दिन
सूर्य15:3716:48दिन
शुक्र16:4817:58दिन
बुध17:5819:09दिन
चंद्र19:0919:58रात
शनि19:5820:48रात
गुरु20:4821:37रात
मंगल21:3722:27रात
सूर्य22:2723:16रात
शुक्र23:1600:06रात
बुध00:0600:55रात
चंद्र00:5501:45रात
शनि01:4502:34रात
गुरु02:3403:24रात
मंगल03:2404:13रात
सूर्य04:1305:03रात

अयनांश 24.2331° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।