4 दिसंबर 2026 को पर्थ का चौघड़िया

शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (02:15, 5 दिस॰ तक), नक्षत्र हस्त (12:53 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 05:03 पर और सूर्यास्त 19:10 पर है। राहुकाल 10:20 से 12:06 तक है।

दिन और रात
दिन 05:03 – 19:10
रात 05:03 तक
तिथि
एकादशी, 02:15 तक
द्वादशी
नक्षत्र
हस्त, 12:53 तक
चित्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:03 – 06:49सामान्य
लाभ06:49 – 08:34शुभ
अमृत08:34 – 10:20शुभ
काल10:20 – 12:06टालें
शुभ12:06 – 13:52शुभ
रोग13:52 – 15:38टालें
उद्वेग15:38 – 17:24टालें
चर17:24 – 19:10सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:10 – 20:24टालें
काल20:24 – 21:38टालें
लाभ21:38 – 22:52शुभ
उद्वेग22:52 – 00:06टालें
शुभ00:06 – 01:20शुभ
अमृत01:20 – 02:34शुभ
चर02:34 – 03:49सामान्य
रोग03:49 – 05:03टालें

4 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 02:15, 5 दिस॰ तक
कृष्ण द्वादशी 03:22, 6 दिस॰ तक
नक्षत्र
हस्त 12:53 तक
चित्रा 14:19, 5 दिस॰ तक
योग
आयुष्मान 10:53 तक
सौभाग्य 10:23, 5 दिस॰ तक
करण
बव 13:51 तक
बालव 02:15, 5 दिस॰ तक
कौलव 14:45, 5 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 01:32, 5 दिस॰ तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:03
सूर्यास्त
19:10
चंद्रोदय
01:43
चंद्रास्त
14:54
दिनमान
14h 7m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:43 – 04:23
अभिजीत मुहूर्त
11:38 – 12:34

अशुभ समय

राहुकाल
10:20 – 12:06
यमगंड
15:38 – 17:24
गुलिक काल
06:49 – 08:34

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:0306:13दिन
बुध06:1307:24दिन
चंद्र07:2408:34दिन
शनि08:3409:45दिन
गुरु09:4510:56दिन
मंगल10:5612:06दिन
सूर्य12:0613:17दिन
शुक्र13:1714:27दिन
बुध14:2715:38दिन
चंद्र15:3816:49दिन
शनि16:4917:59दिन
गुरु17:5919:10दिन
मंगल19:1019:59रात
सूर्य19:5920:49रात
शुक्र20:4921:38रात
बुध21:3822:27रात
चंद्र22:2723:17रात
शनि23:1700:06रात
गुरु00:0600:56रात
मंगल00:5601:45रात
सूर्य01:4502:34रात
शुक्र02:3403:24रात
बुध03:2404:13रात
चंद्र04:1305:03रात

अयनांश 24.2331° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।