27 दिसंबर 2026 को पर्थ का चौघड़िया

रविवार, 27 दिसंबर 2026, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

रविवार, 27 दिसंबर 2026 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (19:43 तक), नक्षत्र आश्लेषा (20:34 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:10 पर और सूर्यास्त 19:24 पर है। राहुकाल 17:37 से 19:24 तक है।

दिन और रात
दिन 05:10 – 19:24
रात 05:10 तक
तिथि
चतुर्थी, 19:43 तक
पंचमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 20:34 तक
मघा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:10 – 06:57टालें
चर06:57 – 08:43सामान्य
लाभ08:43 – 10:30शुभ
अमृत10:30 – 12:17शुभ
काल12:17 – 14:04टालें
शुभ14:04 – 15:50शुभ
रोग15:50 – 17:37टालें
उद्वेग17:37 – 19:24टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:24 – 20:37शुभ
अमृत20:37 – 21:51शुभ
चर21:51 – 23:04सामान्य
रोग23:04 – 00:17टालें
काल00:17 – 01:31टालें
लाभ01:31 – 02:44शुभ
उद्वेग02:44 – 03:57टालें
शुभ03:57 – 05:10शुभ

27 दिसंबर 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 19:43 तक
कृष्ण पंचमी 17:28, 28 दिस॰ तक
नक्षत्र
मघा 19:03, 28 दिस॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 23:23 तक
प्रीति 20:25, 28 दिस॰ तक
करण
बव 09:05 तक
बालव 19:43 तक
कौलव 06:31, 28 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 20:34 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:10
सूर्यास्त
19:24
चंद्रोदय
22:15
चंद्रास्त
08:29
दिनमान
14h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:52 – 04:31
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:45

अशुभ समय

राहुकाल
17:37 – 19:24
यमगंड
12:17 – 14:04
गुलिक काल
15:50 – 17:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:1006:21दिन
शुक्र06:2107:32दिन
बुध07:3208:43दिन
चंद्र08:4309:55दिन
शनि09:5511:06दिन
गुरु11:0612:17दिन
मंगल12:1713:28दिन
सूर्य13:2814:39दिन
शुक्र14:3915:50दिन
बुध15:5017:02दिन
चंद्र17:0218:13दिन
शनि18:1319:24दिन
गुरु19:2420:13रात
मंगल20:1321:02रात
सूर्य21:0221:51रात
शुक्र21:5122:39रात
बुध22:3923:28रात
चंद्र23:2800:17रात
शनि00:1701:06रात
गुरु01:0601:55रात
मंगल01:5502:44रात
सूर्य02:4403:33रात
शुक्र03:3304:22रात
बुध04:2205:10रात

अयनांश 24.2340° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।