31 जनवरी 2027 को पर्थ का चौघड़िया

रविवार, 31 जनवरी 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

रविवार, 31 जनवरी 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (09:04 तक), नक्षत्र विशाखा (06:25 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 19:19 पर है। राहुकाल 17:36 से 19:19 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 19:19
रात 05:41 तक
तिथि
नवमी, 09:04 तक
दशमी
नक्षत्र
अनुराधा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:40 – 07:22टालें
चर07:22 – 09:04सामान्य
लाभ09:04 – 10:47शुभ
अमृत10:47 – 12:29शुभ
काल12:29 – 14:12टालें
शुभ14:12 – 15:54शुभ
रोग15:54 – 17:36टालें
उद्वेग17:36 – 19:19टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:19 – 20:36शुभ
अमृत20:36 – 21:54शुभ
चर21:54 – 23:12सामान्य
रोग23:12 – 00:30टालें
काल00:30 – 01:47टालें
लाभ01:47 – 03:05शुभ
उद्वेग03:05 – 04:23टालें
शुभ04:23 – 05:41शुभ

31 जनवरी 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण नवमी 09:04 तक
कृष्ण दशमी 11:11, 1 फ़र॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 06:25 तक
अनुराधा 08:58, 1 फ़र॰ तक
योग
वृद्धि 18:48 तक
ध्रुव 19:26, 1 फ़र॰ तक
करण
गर 09:04 तक
वणिज 22:04 तक
विष्टि (भद्रा) 11:11, 1 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
19:19
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
14:38
दिनमान
13h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 04:58
अभिजीत मुहूर्त
12:02 – 12:56

अशुभ समय

राहुकाल
17:36 – 19:19
यमगंड
12:29 – 14:12
गुलिक काल
15:54 – 17:36

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:4006:48दिन
शुक्र06:4807:56दिन
बुध07:5609:04दिन
चंद्र09:0410:13दिन
शनि10:1311:21दिन
गुरु11:2112:29दिन
मंगल12:2913:37दिन
सूर्य13:3714:46दिन
शुक्र14:4615:54दिन
बुध15:5417:02दिन
चंद्र17:0218:10दिन
शनि18:1019:19दिन
गुरु19:1920:10रात
मंगल20:1021:02रात
सूर्य21:0221:54रात
शुक्र21:5422:46रात
बुध22:4623:38रात
चंद्र23:3800:30रात
शनि00:3001:21रात
गुरु01:2102:13रात
मंगल02:1303:05रात
सूर्य03:0503:57रात
शुक्र03:5704:49रात
बुध04:4905:41रात

अयनांश 24.2354° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।