19 मार्च 2027 को पर्थ का चौघड़िया

शुक्रवार, 19 मार्च 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शुक्रवार, 19 मार्च 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (01:47, 20 मार्च तक), नक्षत्र आश्लेषा (04:01, 20 मार्च तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 18:29 पर है। राहुकाल 10:52 से 12:24 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 18:29
रात 06:19 तक
तिथि
द्वादशी, 01:47 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 04:01 तक
मघा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 मार्च 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:18 – 07:50सामान्य
लाभ07:50 – 09:21शुभ
अमृत09:21 – 10:52शुभ
काल10:52 – 12:24टालें
शुभ12:24 – 13:55शुभ
रोग13:55 – 15:26टालें
उद्वेग15:26 – 16:58टालें
चर16:58 – 18:29सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:29 – 19:58टालें
काल19:58 – 21:27टालें
लाभ21:27 – 22:55शुभ
उद्वेग22:55 – 00:24टालें
शुभ00:24 – 01:53शुभ
अमृत01:53 – 03:21शुभ
चर03:21 – 04:50सामान्य
रोग04:50 – 06:19टालें

19 मार्च 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 01:47, 20 मार्च तक
शुक्ल त्रयोदशी 23:15, 20 मार्च तक
नक्षत्र
आश्लेषा 04:01, 20 मार्च तक
मघा 02:14, 21 मार्च तक
योग
सुकर्मा 01:49, 20 मार्च तक
धृति 22:35, 20 मार्च तक
करण
बव 15:04 तक
बालव 01:47, 20 मार्च तक
कौलव 12:31, 20 मार्च तक
चंद्र राशि
कर्क 04:01, 20 मार्च तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
18:29
चंद्रोदय
16:30
चंद्रास्त
02:28
दिनमान
12h 11m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:44 – 05:31
अभिजीत मुहूर्त
11:59 – 12:48

अशुभ समय

राहुकाल
10:52 – 12:24
यमगंड
15:26 – 16:58
गुलिक काल
07:50 – 09:21

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:1807:19दिन
बुध07:1908:20दिन
चंद्र08:2009:21दिन
शनि09:2110:22दिन
गुरु10:2211:23दिन
मंगल11:2312:24दिन
सूर्य12:2413:25दिन
शुक्र13:2514:26दिन
बुध14:2615:26दिन
चंद्र15:2616:27दिन
शनि16:2717:28दिन
गुरु17:2818:29दिन
मंगल18:2919:28रात
सूर्य19:2820:27रात
शुक्र20:2721:27रात
बुध21:2722:26रात
चंद्र22:2623:25रात
शनि23:2500:24रात
गुरु00:2401:23रात
मंगल01:2302:22रात
सूर्य02:2203:21रात
शुक्र03:2104:21रात
बुध04:2105:20रात
चंद्र05:2006:19रात

अयनांश 24.2372° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।