4 अक्टूबर 2027 को पर्थ का चौघड़िया

सोमवार, 4 अक्टूबर 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

सोमवार, 4 अक्टूबर 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (04:06, 5 अक्टू॰ तक), नक्षत्र अनुराधा (03:14, 5 अक्टू॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 05:51 पर और सूर्यास्त 18:20 पर है। राहुकाल 07:24 से 08:58 तक है।

दिन और रात
दिन 05:51 – 18:20
रात 05:49 तक
तिथि
पंचमी, 04:06 तक
षष्ठी
नक्षत्र
अनुराधा, 03:14 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:51 – 07:24शुभ
काल07:24 – 08:58टालें
शुभ08:58 – 10:32शुभ
रोग10:32 – 12:05टालें
उद्वेग12:05 – 13:39टालें
चर13:39 – 15:12सामान्य
लाभ15:12 – 16:46शुभ
अमृत16:46 – 18:20शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:20 – 19:46सामान्य
रोग19:46 – 21:12टालें
काल21:12 – 22:38टालें
लाभ22:38 – 00:05शुभ
उद्वेग00:05 – 01:31टालें
शुभ01:31 – 02:57शुभ
अमृत02:57 – 04:23शुभ
चर04:23 – 05:49सामान्य

4 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 04:06, 5 अक्टू॰ तक
शुक्ल षष्ठी 05:03, 6 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा 03:14, 5 अक्टू॰ तक
ज्येष्ठा 04:45, 6 अक्टू॰ तक
योग
प्रीति 14:55 तक
आयुष्मान 14:13, 5 अक्टू॰ तक
करण
बव 15:56 तक
बालव 04:06, 5 अक्टू॰ तक
कौलव 16:29, 5 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:51
सूर्यास्त
18:20
चंद्रोदय
08:09
चंद्रास्त
22:59
दिनमान
12h 29m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:05
अभिजीत मुहूर्त
11:40 – 12:30

अशुभ समय

राहुकाल
07:24 – 08:58
यमगंड
10:32 – 12:05
गुलिक काल
13:39 – 15:12

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:5106:53दिन
शनि06:5307:56दिन
गुरु07:5608:58दिन
मंगल08:5810:00दिन
सूर्य10:0011:03दिन
शुक्र11:0312:05दिन
बुध12:0513:08दिन
चंद्र13:0814:10दिन
शनि14:1015:12दिन
गुरु15:1216:15दिन
मंगल16:1517:17दिन
सूर्य17:1718:20दिन
शुक्र18:2019:17रात
बुध19:1720:15रात
चंद्र20:1521:12रात
शनि21:1222:10रात
गुरु22:1023:07रात
मंगल23:0700:05रात
सूर्य00:0501:02रात
शुक्र01:0202:00रात
बुध02:0002:57रात
चंद्र02:5703:54रात
शनि03:5404:52रात
गुरु04:5205:49रात

अयनांश 24.2448° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।