31 अक्टूबर 2027 को पर्थ का चौघड़िया

रविवार, 31 अक्टूबर 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

रविवार, 31 अक्टूबर 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (19:43 तक), नक्षत्र विशाखा (12:01 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 05:20 पर और सूर्यास्त 18:40 पर है। राहुकाल 17:00 से 18:40 तक है।

दिन और रात
दिन 05:20 – 18:40
रात 05:19 तक
तिथि
द्वितीया, 19:43 तक
तृतीया
नक्षत्र
विशाखा, 12:01 तक
अनुराधा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:20 – 07:00टालें
चर07:00 – 08:40सामान्य
लाभ08:40 – 10:20शुभ
अमृत10:20 – 12:00शुभ
काल12:00 – 13:40टालें
शुभ13:40 – 15:20शुभ
रोग15:20 – 17:00टालें
उद्वेग17:00 – 18:40टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:40 – 20:00शुभ
अमृत20:00 – 21:20शुभ
चर21:20 – 22:40सामान्य
रोग22:40 – 23:59टालें
काल23:59 – 01:19टालें
लाभ01:19 – 02:39शुभ
उद्वेग02:39 – 03:59टालें
शुभ03:59 – 05:19शुभ

31 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 19:43 तक
शुक्ल तृतीया 19:45, 1 नव॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 12:01 तक
अनुराधा 12:27, 1 नव॰ तक
योग
सौभाग्य 23:26 तक
शोभन 22:24, 1 नव॰ तक
करण
बालव 07:58 तक
कौलव 19:43 तक
तैतिल 07:39, 1 नव॰ तक
चंद्र राशि
तुला 06:01 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:20
सूर्यास्त
18:40
चंद्रोदय
06:00
चंद्रास्त
20:42
दिनमान
13h 20m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:55 – 04:37
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
17:00 – 18:40
यमगंड
12:00 – 13:40
गुलिक काल
15:20 – 17:00

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:2006:27दिन
शुक्र06:2707:33दिन
बुध07:3308:40दिन
चंद्र08:4009:47दिन
शनि09:4710:53दिन
गुरु10:5312:00दिन
मंगल12:0013:07दिन
सूर्य13:0714:13दिन
शुक्र14:1315:20दिन
बुध15:2016:27दिन
चंद्र16:2717:33दिन
शनि17:3318:40दिन
गुरु18:4019:33रात
मंगल19:3320:26रात
सूर्य20:2621:20रात
शुक्र21:2022:13रात
बुध22:1323:06रात
चंद्र23:0623:59रात
शनि23:5900:53रात
गुरु00:5301:46रात
मंगल01:4602:39रात
सूर्य02:3903:33रात
शुक्र03:3304:26रात
बुध04:2605:19रात

अयनांश 24.2458° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।