13 नवंबर 2027 को पर्थ का चौघड़िया

शनिवार, 13 नवंबर 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शनिवार, 13 नवंबर 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (12:25 तक), नक्षत्र अश्विनी (10:40 तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 05:10 पर और सूर्यास्त 18:51 पर है। राहुकाल 08:35 से 10:18 तक है।

दिन और रात
दिन 05:10 – 18:51
रात 05:09 तक
तिथि
चतुर्दशी, 12:25 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
अश्विनी, 10:40 तक
भरणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:10 – 06:52टालें
शुभ06:52 – 08:35शुभ
रोग08:35 – 10:18टालें
उद्वेग10:18 – 12:00टालें
चर12:00 – 13:43सामान्य
लाभ13:43 – 15:26शुभ
अमृत15:26 – 17:08शुभ
काल17:08 – 18:51टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ18:51 – 20:08शुभ
उद्वेग20:08 – 21:26टालें
शुभ21:26 – 22:43शुभ
अमृत22:43 – 00:00शुभ
चर00:00 – 01:17सामान्य
रोग01:17 – 02:35टालें
काल02:35 – 03:52टालें
लाभ03:52 – 05:09शुभ

13 नवंबर 2027 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 12:25 तक
पूर्णिमा 11:25, 14 नव॰ तक
नक्षत्र
भरणी 10:22, 14 नव॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 22:28 तक
वरीयान 20:19, 14 नव॰ तक
करण
वणिज 12:25 तक
विष्टि (भद्रा) 23:59 तक
बव 11:25, 14 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:10
सूर्यास्त
18:51
चंद्रोदय
18:11
चंद्रास्त
04:03
दिनमान
13h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:47 – 04:28
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
08:35 – 10:18
यमगंड
13:43 – 15:26
गुलिक काल
05:10 – 06:52

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:1006:18दिन
गुरु06:1807:27दिन
मंगल07:2708:35दिन
सूर्य08:3509:44दिन
शुक्र09:4410:52दिन
बुध10:5212:00दिन
चंद्र12:0013:09दिन
शनि13:0914:17दिन
गुरु14:1715:26दिन
मंगल15:2616:34दिन
सूर्य16:3417:43दिन
शुक्र17:4318:51दिन
बुध18:5119:43रात
चंद्र19:4320:34रात
शनि20:3421:26रात
गुरु21:2622:17रात
मंगल22:1723:09रात
सूर्य23:0900:00रात
शुक्र00:0000:52रात
बुध00:5201:43रात
चंद्र01:4302:35रात
शनि02:3503:26रात
गुरु03:2604:18रात
मंगल04:1805:09रात

अयनांश 24.2463° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।