14 नवंबर 2027 को पर्थ का चौघड़िया

रविवार, 14 नवंबर 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

रविवार, 14 नवंबर 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (11:25 तक), नक्षत्र भरणी (10:22 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 05:09 पर और सूर्यास्त 18:52 पर है। राहुकाल 17:09 से 18:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:09 – 18:52
रात 05:09 तक
तिथि
पूर्णिमा, 11:25 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
भरणी, 10:22 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

14 नवंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:09 – 06:52टालें
चर06:52 – 08:35सामान्य
लाभ08:35 – 10:18शुभ
अमृत10:18 – 12:01शुभ
काल12:01 – 13:43टालें
शुभ13:43 – 15:26शुभ
रोग15:26 – 17:09टालें
उद्वेग17:09 – 18:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:52 – 20:09शुभ
अमृत20:09 – 21:26शुभ
चर21:26 – 22:43सामान्य
रोग22:43 – 00:00टालें
काल00:00 – 01:17टालें
लाभ01:17 – 02:34शुभ
उद्वेग02:34 – 03:51टालें
शुभ03:51 – 05:09शुभ

14 नवंबर 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
पूर्णिमा 11:25 तक
कृष्ण प्रतिपदा 09:58, 15 नव॰ तक
नक्षत्र
भरणी 10:22 तक
कृत्तिका 09:36, 15 नव॰ तक
योग
वरीयान 20:19 तक
परिघअशुभ 17:51, 15 नव॰ तक
करण
बव 11:25 तक
बालव 22:45 तक
कौलव 09:58, 15 नव॰ तक
चंद्र राशि
मेष 16:12 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:09
सूर्यास्त
18:52
चंद्रोदय
19:17
चंद्रास्त
04:42
दिनमान
13h 43m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:47 – 04:28
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
17:09 – 18:52
यमगंड
12:01 – 13:43
गुलिक काल
15:26 – 17:09

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:0906:18दिन
शुक्र06:1807:26दिन
बुध07:2608:35दिन
चंद्र08:3509:43दिन
शनि09:4310:52दिन
गुरु10:5212:01दिन
मंगल12:0113:09दिन
सूर्य13:0914:18दिन
शुक्र14:1815:26दिन
बुध15:2616:35दिन
चंद्र16:3517:43दिन
शनि17:4318:52दिन
गुरु18:5219:43रात
मंगल19:4320:35रात
सूर्य20:3521:26रात
शुक्र21:2622:18रात
बुध22:1823:09रात
चंद्र23:0900:00रात
शनि00:0000:52रात
गुरु00:5201:43रात
मंगल01:4302:34रात
सूर्य02:3403:26रात
शुक्र03:2604:17रात
बुध04:1705:09रात

अयनांश 24.2463° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।