30 दिसंबर 2027 को पर्थ का चौघड़िया

गुरुवार, 30 दिसंबर 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 30 दिसंबर 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (08:10 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (12:37 तक) और योग व्याघात है। सूर्योदय 05:12 पर और सूर्यास्त 19:25 पर है। राहुकाल 14:05 से 15:52 तक है।

दिन और रात
दिन 05:12 – 19:25
रात 05:12 तक
तिथि
तृतीया
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 12:37 तक
श्रवण
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:12 – 06:58शुभ
रोग06:58 – 08:45टालें
उद्वेग08:45 – 10:32टालें
चर10:32 – 12:18सामान्य
लाभ12:18 – 14:05शुभ
अमृत14:05 – 15:52शुभ
काल15:52 – 17:38टालें
शुभ17:38 – 19:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:25 – 20:38शुभ
चर20:38 – 21:52सामान्य
रोग21:52 – 23:05टालें
काल23:05 – 00:19टालें
लाभ00:19 – 01:32शुभ
उद्वेग01:32 – 02:45टालें
शुभ02:45 – 03:59शुभ
अमृत03:59 – 05:12शुभ

30 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 08:10 तक
शुक्ल तृतीया 10:42, 31 दिस॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 15:36, 31 दिस॰ तक
योग
व्याघातअशुभ 11:24 तक
हर्षण 12:14, 31 दिस॰ तक
करण
कौलव 08:10 तक
तैतिल 21:24 तक
गर 10:42, 31 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:12
सूर्यास्त
19:25
चंद्रोदय
07:07
चंद्रास्त
21:09
दिनमान
14h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:53 – 04:33
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
14:05 – 15:52
यमगंड
05:12 – 06:58
गुलिक काल
08:45 – 10:32

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:1206:23दिन
मंगल06:2307:34दिन
सूर्य07:3408:45दिन
शुक्र08:4509:56दिन
बुध09:5611:07दिन
चंद्र11:0712:18दिन
शनि12:1813:29दिन
गुरु13:2914:40दिन
मंगल14:4015:52दिन
सूर्य15:5217:03दिन
शुक्र17:0318:14दिन
बुध18:1419:25दिन
चंद्र19:2520:14रात
शनि20:1421:03रात
गुरु21:0321:52रात
मंगल21:5222:41रात
सूर्य22:4123:30रात
शुक्र23:3000:19रात
बुध00:1901:08रात
चंद्र01:0801:56रात
शनि01:5602:45रात
गुरु02:4503:34रात
मंगल03:3404:23रात
सूर्य04:2305:12रात

अयनांश 24.2481° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।