31 दिसंबर 2027 को पर्थ का चौघड़िया

शुक्रवार, 31 दिसंबर 2027, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शुक्रवार, 31 दिसंबर 2027 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल तृतीया (10:42 तक), नक्षत्र श्रवण (15:36 तक) और योग हर्षण है। सूर्योदय 05:12 पर और सूर्यास्त 19:25 पर है। राहुकाल 10:32 से 12:19 तक है।

दिन और रात
दिन 05:12 – 19:25
रात 05:13 तक
तिथि
तृतीया, 10:42 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
श्रवण, 15:36 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

31 दिसंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:12 – 06:59सामान्य
लाभ06:59 – 08:46शुभ
अमृत08:46 – 10:32शुभ
काल10:32 – 12:19टालें
शुभ12:19 – 14:05शुभ
रोग14:05 – 15:52टालें
उद्वेग15:52 – 17:38टालें
चर17:38 – 19:25सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:25 – 20:39टालें
काल20:39 – 21:52टालें
लाभ21:52 – 23:06शुभ
उद्वेग23:06 – 00:19टालें
शुभ00:19 – 01:33शुभ
अमृत01:33 – 02:46शुभ
चर02:46 – 04:00सामान्य
रोग04:00 – 05:13टालें

31 दिसंबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल तृतीया 10:42 तक
शुक्ल चतुर्थी 13:25, 1 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 15:36 तक
धनिष्ठा 18:45, 1 जन॰ तक
योग
हर्षण 12:14 तक
वज्रअशुभ 13:13, 1 जन॰ तक
करण
गर 10:42 तक
वणिज 00:03, 1 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 13:25, 1 जन॰ तक
चंद्र राशि
मकर 05:10, 1 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:12
सूर्यास्त
19:25
चंद्रोदय
08:04
चंद्रास्त
21:40
दिनमान
14h 13m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:54 – 04:33
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:47

अशुभ समय

राहुकाल
10:32 – 12:19
यमगंड
15:52 – 17:38
गुलिक काल
06:59 – 08:46

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1206:23दिन
बुध06:2307:34दिन
चंद्र07:3408:46दिन
शनि08:4609:57दिन
गुरु09:5711:08दिन
मंगल11:0812:19दिन
सूर्य12:1913:30दिन
शुक्र13:3014:41दिन
बुध14:4115:52दिन
चंद्र15:5217:03दिन
शनि17:0318:14दिन
गुरु18:1419:25दिन
मंगल19:2520:14रात
सूर्य20:1421:03रात
शुक्र21:0321:52रात
बुध21:5222:41रात
चंद्र22:4123:30रात
शनि23:3000:19रात
गुरु00:1901:08रात
मंगल01:0801:57रात
सूर्य01:5702:46रात
शुक्र02:4603:35रात
बुध03:3504:24रात
चंद्र04:2405:13रात

अयनांश 24.2481° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।