12 अक्टूबर 2028 को पर्थ का चौघड़िया

गुरुवार, 12 अक्टूबर 2028, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

गुरुवार, 12 अक्टूबर 2028 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (07:25 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (11:41 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 05:40 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 13:38 से 15:14 तक है।

दिन और रात
दिन 05:40 – 18:26
रात 05:39 तक
तिथि
नवमी
नक्षत्र
पुनर्वसु, 11:41 तक
पुष्य
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

12 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ05:40 – 07:16शुभ
रोग07:16 – 08:51टालें
उद्वेग08:51 – 10:27टालें
चर10:27 – 12:03सामान्य
लाभ12:03 – 13:38शुभ
अमृत13:38 – 15:14शुभ
काल15:14 – 16:50टालें
शुभ16:50 – 18:26शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:26 – 19:50शुभ
चर19:50 – 21:14सामान्य
रोग21:14 – 22:38टालें
काल22:38 – 00:02टालें
लाभ00:02 – 01:26शुभ
उद्वेग01:26 – 02:50टालें
शुभ02:50 – 04:14शुभ
अमृत04:14 – 05:39शुभ

12 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 07:25 तक
कृष्ण नवमी 05:53, 13 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 10:44, 13 अक्टू॰ तक
योग
शिव 08:49 तक
सिद्ध 06:25, 13 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 07:25 तक
तैतिल 18:44 तक
गर 05:53, 13 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 05:49 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
01:24
चंद्रास्त
11:57
दिनमान
12h 46m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:10 – 04:55
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
13:38 – 15:14
यमगंड
05:40 – 07:16
गुलिक काल
08:51 – 10:27

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु05:4006:44दिन
मंगल06:4407:47दिन
सूर्य07:4708:51दिन
शुक्र08:5109:55दिन
बुध09:5510:59दिन
चंद्र10:5912:03दिन
शनि12:0313:07दिन
गुरु13:0714:10दिन
मंगल14:1015:14दिन
सूर्य15:1416:18दिन
शुक्र16:1817:22दिन
बुध17:2218:26दिन
चंद्र18:2619:22रात
शनि19:2220:18रात
गुरु20:1821:14रात
मंगल21:1422:10रात
सूर्य22:1023:06रात
शुक्र23:0600:02रात
बुध00:0200:58रात
चंद्र00:5801:54रात
शनि01:5402:50रात
गुरु02:5003:46रात
मंगल03:4604:43रात
सूर्य04:4305:39रात

अयनांश 24.2591° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।