13 अक्टूबर 2028 को पर्थ का चौघड़िया

शुक्रवार, 13 अक्टूबर 2028, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

शुक्रवार, 13 अक्टूबर 2028 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण नवमी (05:53 तक), नक्षत्र पुष्य (10:44 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 05:39 पर और सूर्यास्त 18:26 पर है। राहुकाल 10:27 से 12:02 तक है।

दिन और रात
दिन 05:39 – 18:26
रात 05:37 तक
तिथि
दशमी, 03:43 तक
एकादशी
नक्षत्र
पुष्य, 10:44 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

13 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:39 – 07:15सामान्य
लाभ07:15 – 08:51शुभ
अमृत08:51 – 10:27शुभ
काल10:27 – 12:02टालें
शुभ12:02 – 13:38शुभ
रोग13:38 – 15:14टालें
उद्वेग15:14 – 16:50टालें
चर16:50 – 18:26सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:26 – 19:50टालें
काल19:50 – 21:14टालें
लाभ21:14 – 22:38शुभ
उद्वेग22:38 – 00:02टालें
शुभ00:02 – 01:26शुभ
अमृत01:26 – 02:50शुभ
चर02:50 – 04:14सामान्य
रोग04:14 – 05:37टालें

13 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण नवमी 05:53 तक
कृष्ण दशमी 03:43, 14 अक्टू॰ तक
कृष्ण एकादशी 00:58, 15 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 10:44 तक
आश्लेषा 09:09, 14 अक्टू॰ तक
योग
सिद्ध 06:25 तक
साध्य 03:30, 14 अक्टू॰ तक
शुभ 00:07, 15 अक्टू॰ तक
करण
गर 05:53 तक
वणिज 16:53 तक
विष्टि (भद्रा) 03:43, 14 अक्टू॰ तक
बव 14:25, 14 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:39
सूर्यास्त
18:26
चंद्रोदय
02:06
चंद्रास्त
13:04
दिनमान
12h 48m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:09 – 04:54
अभिजीत मुहूर्त
11:37 – 12:28

अशुभ समय

राहुकाल
10:27 – 12:02
यमगंड
15:14 – 16:50
गुलिक काल
07:15 – 08:51

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:3906:43दिन
बुध06:4307:47दिन
चंद्र07:4708:51दिन
शनि08:5109:55दिन
गुरु09:5510:59दिन
मंगल10:5912:02दिन
सूर्य12:0213:06दिन
शुक्र13:0614:10दिन
बुध14:1015:14दिन
चंद्र15:1416:18दिन
शनि16:1817:22दिन
गुरु17:2218:26दिन
मंगल18:2619:22रात
सूर्य19:2220:18रात
शुक्र20:1821:14रात
बुध21:1422:10रात
चंद्र22:1023:06रात
शनि23:0600:02रात
गुरु00:0200:58रात
मंगल00:5801:54रात
सूर्य01:5402:50रात
शुक्र02:5003:46रात
बुध03:4604:41रात
चंद्र04:4105:37रात

अयनांश 24.2591° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।