30 अक्टूबर 2029 को पर्थ का चौघड़िया

मंगलवार, 30 अक्टूबर 2029, पर्थ, ऑस्ट्रेलिया। समय Australia/Perth में है।

मंगलवार, 30 अक्टूबर 2029 को पर्थ में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (07:27 तक), नक्षत्र पुष्य (02:10, 31 अक्टू॰ तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 05:20 पर और सूर्यास्त 18:39 पर है। राहुकाल 15:20 से 17:00 तक है।

दिन और रात
दिन 05:20 – 18:39
रात 05:20 तक
तिथि
अष्टमी
नक्षत्र
पुष्य, 02:10 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:20 – 07:00टालें
उद्वेग07:00 – 08:40टालें
चर08:40 – 10:20सामान्य
लाभ10:20 – 12:00शुभ
अमृत12:00 – 13:40शुभ
काल13:40 – 15:20टालें
शुभ15:20 – 17:00शुभ
रोग17:00 – 18:39टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल18:39 – 19:59टालें
लाभ19:59 – 21:19शुभ
उद्वेग21:19 – 22:39टालें
शुभ22:39 – 23:59शुभ
अमृत23:59 – 01:19शुभ
चर01:19 – 02:40सामान्य
रोग02:40 – 04:00टालें
काल04:00 – 05:20टालें

30 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 07:27 तक
कृष्ण अष्टमी 07:24, 31 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 02:10, 31 अक्टू॰ तक
आश्लेषा 02:07, 1 नव॰ तक
योग
साध्य 14:46 तक
शुभ 13:25, 31 अक्टू॰ तक
करण
बव 07:27 तक
बालव 19:32 तक
कौलव 07:24, 31 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:20
सूर्यास्त
18:39
चंद्रोदय
00:25
चंद्रास्त
11:16
दिनमान
13h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:55 – 04:38
अभिजीत मुहूर्त
11:33 – 12:27

अशुभ समय

राहुकाल
15:20 – 17:00
यमगंड
08:40 – 10:20
गुलिक काल
12:00 – 13:40

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:2006:27दिन
सूर्य06:2707:34दिन
शुक्र07:3408:40दिन
बुध08:4009:47दिन
चंद्र09:4710:53दिन
शनि10:5312:00दिन
गुरु12:0013:07दिन
मंगल13:0714:13दिन
सूर्य14:1315:20दिन
शुक्र15:2016:26दिन
बुध16:2617:33दिन
चंद्र17:3318:39दिन
शनि18:3919:33रात
गुरु19:3320:26रात
मंगल20:2621:19रात
सूर्य21:1922:13रात
शुक्र22:1323:06रात
बुध23:0623:59रात
चंद्र23:5900:53रात
शनि00:5301:46रात
गुरु01:4602:40रात
मंगल02:4003:33रात
सूर्य03:3304:26रात
शुक्र04:2605:20रात

अयनांश 24.2737° (लाहिड़ी)। समय पर्थ (Australia/Perth) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।