7 नवंबर 2026 को प्रयागराज का चौघड़िया

शनिवार, 7 नवंबर 2026, प्रयागराज, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शनिवार, 7 नवंबर 2026 को प्रयागराज में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (10:48 तक), नक्षत्र चित्रा (05:52, 8 नव॰ तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:14 पर और सूर्यास्त 17:18 पर है। राहुकाल 09:00 से 10:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:14 – 17:18
रात 06:14 तक
तिथि
त्रयोदशी, 10:48 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
चित्रा, 05:52 तक
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:14 – 07:37टालें
शुभ07:37 – 09:00शुभ
रोग09:00 – 10:23टालें
उद्वेग10:23 – 11:46टालें
चर11:46 – 13:09सामान्य
लाभ13:09 – 14:32शुभ
अमृत14:32 – 15:55शुभ
काल15:55 – 17:18टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:18 – 18:55शुभ
उद्वेग18:55 – 20:32टालें
शुभ20:32 – 22:09शुभ
अमृत22:09 – 23:46शुभ
चर23:46 – 01:23सामान्य
रोग01:23 – 03:00टालें
काल03:00 – 04:37टालें
लाभ04:37 – 06:14शुभ

7 नवंबर 2026 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 10:48 तक
कृष्ण चतुर्दशी 11:28, 8 नव॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 05:52, 8 नव॰ तक
स्वाति 07:24, 9 नव॰ तक
योग
प्रीति 03:27, 8 नव॰ तक
आयुष्मान 03:03, 9 नव॰ तक
करण
वणिज 10:48 तक
विष्टि (भद्रा) 23:05 तक
शकुनि 11:28, 8 नव॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 17:15 तक
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
17:18
चंद्रोदय
04:16
चंद्रास्त
15:50
दिनमान
11h 4m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:30 – 05:22
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:08

अशुभ समय

राहुकाल
09:00 – 10:23
यमगंड
13:09 – 14:32
गुलिक काल
06:14 – 07:37

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:1407:09दिन
गुरु07:0908:04दिन
मंगल08:0409:00दिन
सूर्य09:0009:55दिन
शुक्र09:5510:50दिन
बुध10:5011:46दिन
चंद्र11:4612:41दिन
शनि12:4113:36दिन
गुरु13:3614:32दिन
मंगल14:3215:27दिन
सूर्य15:2716:22दिन
शुक्र16:2217:18दिन
बुध17:1818:22रात
चंद्र18:2219:27रात
शनि19:2720:32रात
गुरु20:3221:37रात
मंगल21:3722:41रात
सूर्य22:4123:46रात
शुक्र23:4600:51रात
बुध00:5101:55रात
चंद्र01:5503:00रात
शनि03:0004:05रात
गुरु04:0505:10रात
मंगल05:1006:14रात

अयनांश 24.2321° (लाहिड़ी)। समय प्रयागराज (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का चौघड़िया

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया समय देखने की एक वैदिक पद्धति है, जो गुजरात और राजस्थान में लोकप्रिय है। इसमें दिन और रात को आठ-आठ भागों में बाँटा जाता है। हर भाग का स्वामी एक ग्रह होता है और उसका नाम अमृत, शुभ, लाभ, चर, उद्वेग, काल या रोग होता है।

कौन-सा चौघड़िया सबसे अच्छा है?

अमृत, शुभ और लाभ नए काम की शुरुआत, दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर और खरीदारी के लिए शुभ माने जाते हैं। चर यात्रा के लिए अच्छा है। उद्वेग, काल और रोग में परंपरागत रूप से नई शुरुआत से बचा जाता है।

चौघड़िया का समय हर दिन अलग क्यों होता है?

ये अवधियाँ आपके स्थान पर वास्तविक दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) का आठवाँ भाग होती हैं, इसलिए साल भर सूर्योदय और सूर्यास्त के साथ बदलती रहती हैं।

क्या चौघड़िया और राहु काल एक ही हैं?

नहीं। राहु काल हर दिन एक अशुभ अवधि है। चौघड़िया दिन और रात की सभी सोलह अवधियों का मूल्यांकन करता है।